Global AI Summit RAISE 2020 : आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस के लिए कच्चा माल है डेटा : मुकेश अंबानी

Last Updated: सोमवार, 5 अक्टूबर 2020 (23:40 IST)
नई दिल्ली। (RIL) अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने डेटा को आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस के लिए कच्चा माल बताते हुए सोमवार को कहा नरेंद्र मोदी सरकार ने छह साल पहले जिस डिजिटल इंडिया का तानाबाना बुना था उसके सार्थक नतीजे अब सामने आने लगे हैं।
अंबानी ने आज ‘रिस्पॉन्सिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर सोशल एंपावरमेंट’ (रेज) 2020 की में मुख्य वक्ता के अपने संबोधन में कहा देश डेटा खपत में 155वें से पहले स्थान पर आ गया है। नेट के माध्यम से देश के लाखों गांवों को जोड़ा जा रहा है। घर और कार्यालय जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने छह साल पहले जिस डिजिटल इंडिया का तानाबाना बुना था वह अब फलीभूत होने लगा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 5 दिन के रेज 2020 का उद्घाटन किया, जिसमें 139 देशों के 60 हजार प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। बैठक का आयोजन उद्योग और शिक्षा के सहयोग के साथ किया जा रहा है। इसका लक्ष्य स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में परिवर्तन करना है। सूचना प्रौद्योगिकी और नीति आयोग ने यह सम्मेलन आयोजित किया ।

मोदी के विजन का उल्लेख चर्चा करते हुए
अंबानी ने कहा कि सरकार ने छह साल पहले जो डिजिटल इंडिया लॉन्च किया था उसके सार्थक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। भारत डेटा खपत में 155वें से पहले स्थान पर आ गया है। नेट के माध्यम से देश के 6 लाख गांवों को जोड़ा जा रहा है। घर और कार्यालय जोड़े जा रहे हैं। अब देश में ही किफायती मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं। देश में विश्व स्तर के डेटा केंद्रों का निर्माण हो रहा है और तेज विकास के सभी घटक अपनी जगह मौजूद हैं।
अंबानी ने चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंधों के बाद उत्पन्न स्थितियों में आयोजित रेज-2020 में कहा कि आज देश की 99 फीसदी आबादी तक 4जी का सिग्नल पहुंच रहा है और मुझे यकीन है कि 5जी में भी भारत की धाक बनी रहेगी। उन्होंने कहा आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस के लिए डेटा एक कच्चे माल की तरह है। उन्होंने कहा सतर्कता डेटा डिजिटल पूंजी साबित होगा और यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संसाधन है।

अंबानी ने प्रधानमंत्री के देश की अर्थव्यवस्था को 50 खरब डालर पर पहुंचाने के लिए पांच महत्वाकांक्षी लक्ष्यों उच्च विकास दर, आत्मनिर्भर भारत, कृषि आय में वृद्धि, हर भारतीय के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं और विश्व स्तरीय शिक्षा का भी जिक्र किया और कहा कि कृत्रिम सतर्कता की ताकत से भारत तेजी से आगे बढ़ेगा और इन लक्ष्यों को हासिल कर लेगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर खुलकर बात करना बढ़िया कदम है। मौजूदा दौर में तकनीक ने हमारे काम करने की जगह को बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसान की बुद्धिजीविता के लिए पुरस्कार है, जो टूल और टेक्‍नोलॉजी बनाने में इंसान की मदद करता है। पारदर्शिता और सर्विस डिलीवरी में तकनीक सुधार करती है।

मोदी ने कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा आईडी सिस्टम यूनिक आइडेंटिटी सिस्टम आधार है। साथ ही हमारे पास सबसे इनोवेटिव डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई है। उन्‍होंने कहा कि भारत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को बढ़ा रहा है, जिसका मकसद गांवों में भी तेज इंटरनेट पहुंचाना है। हम भारत को एआई सेक्‍टर में ग्लोबल लीडर बनाना चाहते हैं।



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