मोदी, ममता के भाषण चुनाव आयोग की नजर में

कोलकाता| पुनः संशोधित रविवार, 10 अप्रैल 2016 (09:25 IST)
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कोलकाता। निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आसनसोल की रैलियों में हुए भाषणों का अध्ययन कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन भाषणों में कहीं किसी तरह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसके साथ ही आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अब्दुर रजाक मुल्ला की टिप्पणियों को लेकर उनकी निन्दा की।
 
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि मोदी और ममता की चुनाव रैलियों की सीडी दिल्ली स्थित भारत निर्वाचन आयेाग को भेज दी गई हैं। हमारी मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति के पास उनके भाषणों की वीडियो फुटेज है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की टीम तय करेगी कि क्या किसी तरह से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है।
 
दो दिन पहले एक चुनाव रैली में मोदी ने आरोप लगाया था कि टीएमसी का मतलब 'टेरर, मौत और करप्शन' है। इस पर तृणमूल ने चुनाव अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताई थी। हालांकि आयोग ने ममता के भाषणों का कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया।
 
आयोग ने माकपा के पूर्व नेता अब्दुर रजाक मुल्ला की टिप्पणियों के लिए उनकी निन्दा की है। वह अब तृणमूल कांग्रेस से भांगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
 
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिब्येंदु सरकार ने कहा, 'उन्होंने कुछ बातें कही थीं जिसके बाद निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उनसे कारण पूछा गया। उनका जवाब संतोषजनक नहीं था और आयोग ने उनकी निन्दा की है।'
 
माकपा सांसद मोहम्मद सलीम के खिलाफ शिकायत के संबंध में उन्होंने कहा कि उनके भाषण की सीडी भी दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग को भेजी गई है। (भाषा)



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