चक्रवात 'असानी' ने पकड़ी रफ्तार, बिजली कड़कने व वर्षा होने की आशंका

Cyclone
Last Updated: मंगलवार, 10 मई 2022 (14:25 IST)
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भुवनेश्वर/ कोलकाता/ रांची। भीषण चक्रवाती तूफान 'असानी' के तटों के करीब पहुंचने पर दोबारा उत्तर-उत्तरपूर्वी दिशा में मुड़ने और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के आसार हैं। मौसम विभाग कार्यालय ने सोमवार को यह बात कही। पूर्वी तट की तरफ बढ़ रहे 'असानी' के चलते प्रभावित इलाकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही भारी बारिश भी हो रही है। चक्रवात 'असानी' ने रफ्तार पकड़ ली है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार रात को उत्तरी और ओडिशा के तटों पर पहुंचने पर 'असानी' के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक ने रविवार को भुवनेश्वर में कहा था कि चक्रवात न तो ओडिशा, न ही आंध्रप्रदेश में दस्तक देगा, अलबत्ता यह पूर्वी तट के समानांतर चलेगा और बारिश का कारण बनेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार सुबह 8.30 बजे चक्रवाती तूफान विशाखापत्तनम से करीब 550 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और पुरी से 680 किलोमीटर दक्षिण में था तथा यह उत्तर-पश्चिम दिशा में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से बहने वाली हवाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।

चक्रवात के चलते सोमवार को ओडिशा और में भारी बारिश हुई। चक्रवात के प्रभाव में तटीय ओडिशा और उत्तरी आंध्रप्रदेश व पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार शाम से बारिश होने की आशंका है।
मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण बंगाल की खाड़ी में समुद्र में बहुत तीव्र स्थिति बने रहने का अनुमान है, ऐसे में मछुआरों को मंगलवार से कम से कम अगले दो दिनों तक इस क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने तटीय इलाकों में पर्यटन गतिविधियों को 13 मई तक निलंबित करने का सुझाव भी दिया।
ओडिशा के खुर्दा, गंजम, पुरी, कटक और भद्रक जैसे जिलों में 2 से 3 बार बारिश हुई। ओडिशा सरकार ने सोमवार को 4 तटीय जिलों में रहने वाले लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई है। तेजी से करीब आ रहे तीव्र चक्रवात को देखते हुए ओडिशा के सभी बंदरगाहों पर दूरस्थ चेतावनी संकेत 2 (जहाजों को तट के पास नहीं आने के लिए कहना) प्रदर्शित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात के चलते सोमवार से गुरुवार के बीच कोलकाता, हावड़ा, पुर्वी मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा नदिया जिलों सहित पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश होने का अनुमान है। रांची स्थित मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि झारखंड में 11 से 13 मई तक दक्षिणी, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में बिजली कड़कने और बादलों के गरजने के बीच हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।
विभाग के मुताबिक राज्य के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। उधर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को चक्रवात से सामान्य जीवन प्रभावित नहीं हुआ, क्योंकि वहां बारिश नहीं दर्ज की गई। अधिकारियों ने कहा कि अंतर-द्वीप नौका सेवाएं जारी हैं, लेकिन मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।(फ़ाइल चित्र)



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