गुजरात बना 'गेटवे ऑफ ड्रग्स', क्यों चुप हैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री? - कांग्रेस

पुनः संशोधित शुक्रवार, 27 मई 2022 (18:04 IST)
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नई दिल्ली | गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के पास एक कंटेनर में 56 किलोग्राम मादक पदार्थ की बरामदगी को लेकर कांग्रेस ने कहा है कि गुजरात अब 'मादक पदार्थों का प्रवेश द्वार' बन गया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र गांधी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं ने इतने बड़े मुद्दे पर चुप्पी साध ली है, उन्हें जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।


पवन खेड़ा ने बताया कि गुजरात के तट से जुलाई, 2017 में पहली बार मादक पदार्थों की बरादमगी की रिपोर्ट आई थी। इसके बाद जनवरी, 2020 में गुजरात में 175 करोड़ रुपये के ड्रग्स पकड़े गए और सितंबर, 2021 में तीन टन हेरोइन बरामद की गई। यह सूची बहुत लंबी है। इसी सूची में मुंद्रा बंदरगाह के पास बरामद किए गए 56 किलोग्राम मादक पदार्थ को भी जोड़ लीजिए।

खेड़ा ने कहा कि सोचने की बात तो ये है कि 175000 करोड़ रूपए के ड्रग्स भारत में आए और पकड़े नहीं गए। करीब 25 टन ड्रग्स बाजार में फैल गए। इन हानिकारक पदार्थों के सेवन के क्या दुष्परिणाम सामने आएंगे, इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। सरकार ने घोषणा की थी कि ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से कोई मादक पदार्थ नहीं आने दिया जाएगा तो फिर गुरूवार को बरामद किया गया मादक पदार्थ कैसे आया?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों गुजरात से है और गुजरात 'गेटवे ऑफ ड्रग्स' (मादक पदार्थों का प्रवेश द्वार) बनता जा रहा है। फिर भी दोनों नेता चुप्पी साधकर बैठे हैं। साथ ही उन्होंने ये आरोप भी लगाया है कि सरकार ने जांच एजेंसियों को अपनी 'खुदरा राजनीति' का जरिया बना लिया है।

बता दें कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) बे गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा बंदरगाह के पास एक कंटेनर से 56 किलोग्राम कोकीन बरामद किया है। हालांकि, डीआरआई के अधिकारियों ने जब्त किए गए मादक पदार्थ के मूल्य का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह 500 करोड़ रुपये के करीब हो सकता है, क्योंकि एक किलोग्राम कोकीन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है।





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