कांग्रेस ने राजद से बनाई दूरी, बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

पुनः संशोधित शनिवार, 23 अक्टूबर 2021 (00:45 IST)
पटना। के विपक्षी महागठबंधन में मतभेद शुक्रवार को तब खुलकर सामने आए जब कांग्रेस के बिहार मामलों के प्रभारी ने कहा कि उनकी पार्टी 2024 में राज्य की सभी 40 लोकसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में दास ने कहा, अगर हमें सम्मान नहीं दे सकता तो हम उन्हें सम्मान कैसे दे सकते हैं। राजद के साथ गठबंधन उस समय टूट गया जब उसने कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। राजद ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया है। हम अब 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी को मजबूत कर रहे हैं और सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

कांग्रेस की गुजरात इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी का भी सदाकत आश्रम में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दोनों शुक्रवार को उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के लिए पटना पहुंचे थे।

महागठबंधन में कलह हाल ही में तब सामने आया था जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा सीटों के लिए एकतरफा अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी। इन दोनों सीटों पर 30 अक्टूबर को उपचुनाव है।

बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों के बीच हुए सीट बंटवारे के तहत कुशेश्वरस्थान सीट कांग्रेस के खाते में गई थी पर उसके उम्मीदवार उक्त चुनाव पर दूसरे स्थान पर रहे थे। राजद के कदम से खफा कांग्रेस ने भी दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

दास ने राजद नेता तेजस्वी यादव के उस दावे को खारिज कर दिया कि दोनों पार्टियां कुशेश्वरस्थान और तारापुर सीट पर दोस्ताना मुकाबला लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजद के साथ कोई दोस्ताना लड़ाई नहीं है और हम यह चुनाव जीतने के लिए लड़ रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि यदि राजद गठबंधन जारी रखने के लिए कांग्रेस से संपर्क करता है तो क्या कांग्रेस अपने रुख की समीक्षा कर सकती है, दास ने कहा, आलाकमान इस पर फैसला करेगा। हालांकि दास की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार राजद प्रमुख जगदानंद सिंह ने कहा, महागठबंधन बरकरार है और राजद इसका हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि दास ने जो कुछ भी कहा है यह उनकी निजी राय है। उन्होंने कहा कि कोई भी 2024 के लोकसभा चुनावों की भविष्यवाणी 2021 में कैसे कर सकता है। इस दौरान यहां सदाकत आश्रम में कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी का भव्य स्वागत किया गया।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद पहली बार पटना पहुंचे जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, भाजपा देश में संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा है। अपनी ऊर्जा इधर-उधर खर्च करने के बजाय हम सभी को अपनी ऊर्जा एक ही स्थान पर केंद्रित करनी चाहिए। कांग्रेस एकमात्र पार्टी जो इस देश और इसकी विरासत को बचा सकती है। यह लोकतंत्र तभी कायम रह सकता है जब कांग्रेस मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन और महंगाई जैसे मुद्दों का समाधान तभी होगा जब हमारा विपक्ष मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बदलाव अब बिहार से शुरू होगा। उन्होंने कहा, कांग्रेस कुशेश्वरस्थान और तारापुर दोनों उपचुनाव जीतेगी और 2024 संसदीय चुनाव भी जीतेगी। मैं शनिवार से इन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार शुरू करूंगा।

हार्दिक पटेल ने भी इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश को बचाने की जरूरत है और युवाओं को इस संबंध में माहौल बनाना चाहिए।उन्होंने कहा, हमें देश को कट्टरपंथी ताकतों से बचाना चाहिए।(भाषा)



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