बंगाल में बवाल, मृत भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे अमित शाह, कहा- सीबीआई करे घटना की जांच

पुनः संशोधित शुक्रवार, 6 मई 2022 (17:17 IST)
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कोलकाता। कोलकाता के काशीपुर में एक इमारत में संदिग्ध अवस्था में मृत पाए गए भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों से मिले और शोक व्यक्त किया। शाह ने भाजयुमो कार्यकर्ता अर्जुन चौरसिया की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए कहा कि बंगाल में हिंसा की संस्कृति और भय का माहौल है। कार्यकर्ता शुक्रवार को रहस्यमय परिस्थितियों में इलाके में एक इमारत में लटका हुआ पाया गया था।


शाह ने कहा कि भाजपा ‘जघन्य अपराध के दोषी’ के लिए कानून की अदालतों से ‘कठोर सजा’ की मांग करेगी। गृहमंत्री ने कहा कि कल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने तीसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा किया और अब चौरसिया की हत्या का मामला आया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय चौरसिया की मौत के ममाले को गंभीरता से ले रहा है और इस पर रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि चौरसिया के परिवार ने शिकायत की थी कि उनका शव जबरन ले जाया गया।
टीएमसी का अपना दावा :
इस बीच, टीएमसी ने दावा किया कि चौरसिया भाजपा से नहीं बल्कि तृणमूल से जुड़े थे। शाह से पहले घटनास्थल का दौरा करने वाले टीएमसी के स्थानीय विधायक अतिन घोष ने दावा किया कि चौरसिया तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और उन्होंने हाल में हुए कोलकाता नगर निगम चुनावों के दौरान इसके लिए प्रचार भी किया था, जिससे उन्हें स्थानीय भाजपा के एक वर्ग की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
घोष ने कहा कि भाजपा आज के प्रदर्शन के दौरान बाहरी लोगों को इकट्ठा कर चुकी है क्योंकि इलाके में उसका कोई आधार नहीं है। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि शाह चौरसिया की मौत की खबर सुनकर दुखी हो गए। उन्होंने कहा कि शाह ने हमें एनएससी बोस हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत कार्यक्रम रद्द करने के लिए कहा और वह चौरसिया के आवास पर पहुंच गए। शाह अपनी दो दिवसीय यात्रा के दूसरे चरण में उत्तर बंगाल से कोलकाता आए हैं।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि चौरसिया भाजपा के कुशल कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि हमने आज सुबह उन्हें मृत पाया। चौरसिया बाइक रैली में हिस्सा लेने वाले थे जो अमित शाह जी के स्वागत के लिए कोलकाता हवाई अड्डे से आयोजित होने वाली थी।

भाजपा के आरोप का खंडन करते हुए टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा कि हमारे खिलाफ आरोप निराधार हैं। पुलिस को मामले की जांच करने दें।



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