पठानकोट में ग्रेनेड हमले के बाद जम्मू-पठानकोट हाइवे पर अलर्ट, कई कस्बों व गांवों में तलाशी अभियान

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित सोमवार, 22 नवंबर 2021 (10:29 IST)
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जम्मू। में सेना की ममून छावनी के त्रिवेणी द्वार पर आज तड़के हुए ग्रनेड हमले तथा जम्मू सीमा पर इंटरनेशनल बार्डर से आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिशें तेज किए जाने की खबरों के बीच सेना और पुलिस जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के कई कस्बों और गांवों में तलाशी अभियान चला रही है। फिलहाल कोई आतंकी हाथ नहीं आया था।
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दरअसल जम्मू में भी माहौल बिगाड़ने की साजिश पाकिस्तान द्वारा रची जा रही है। इसके लिए उसने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की मदद लेने का षड्यंत्र बुना है। लश्कर अपने स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है।

सीमा पार से लगातार स्थानीय आतंकियों और मददगारों को इस बारे में निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं सतर्क भारतीय एजेसियां पड़ोसी की हर चाल नाकाम करने में जुटी हैं। एक सप्ताह में जम्मू संभाग में लश्कर के 6 मददगार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वैष्णोदेवी तीर्थक्षेत्र व अन्य पर्यटक स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
अधिकारी कहते हैं कि कठुआ जिले के साथ लगती संवेदनशील भारत-पाक सीमा के उस पार बैठे आतंकी इन दिनों भारी ठंड एवं कोहरे का लाभ उठाने की फिराक में हैं। हालांकि जब-जब सीमा पर कोहरे का असर रहता है, आतंकी घुसपैठ की कोशिश में रहते हैं। ठीक ऐसा ही इस बार भी देखा जा रहा है। जब से कोहरा शुरू हुआ, ऐसी हरकतें सांबा व हीरानगर सेक्टर में बढ़ने की आशंका है। इसी के चलते सीमा प्रहरियों के साथ पुलिस भी अलर्ट हो गई है।
सांबा क्षेत्र में इसी सिलसिले में लगातार चलने वाले सर्च अभियान भी इसका उदाहरण हैं। अब जब तक सीमा क्षेत्र कोहरे की आड़ में रहेगा, सीमा पार बैठे आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश जारी रहेगी। उधर, आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करने वाले पाक रेंजर्स जगह-जगह भारतीय ठिकानों पर गोलीबारी करके सीजफायर की उल्लंघना करने को तैयार बैठे हैं।



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