आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के 2 और लाल हुए शहीद

एन. पांडेय| Last Updated: शनिवार, 16 अक्टूबर 2021 (23:17 IST)
देहरादून। शनिवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के 2 और लाल शहीद हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जम्मू के पुंछ में आतंकी मुठभेड़ जारी होने के कारण दोनों शहीदों का पार्थिव शरीर 16 अक्टूबर की सायं को निकाला जा सका है।
टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लाक के रामपुर खाड़ी गांव निवासी सूबेदार अजय रौतेला के परिवार में 3 बेटे और पत्नी हैं। उनके साथ ही पौड़ी जिले में लैंड्सडाउन के रिखणीखाल निवासी नायक हरेन्द्र सिंह भी इस मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं।

गुरुवार को जम्मू के पूंछ जिले के नाढ़खास में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में 17 गढ़वाल राइफल के दो जवान टिहरी गढ़वाल के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और चमोली के राइफलमैन योगंबर सिंह शहीद हो गए थे।शनिवार को दोनों शहीदों का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लाया गया है। जहां सैन्‍य सम्‍मान के साथ पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव को भेजा गया। उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उनको एयरपोर्ट पहुंचकर सलामी दी।

इन जवानों में से चमोली के सांकरी गांव के शहीद जवान योगंबर सिंह अपने पीछे पत्नी कुसुम और एक साल के बेटे समेत माता-पिता, भाई और बहन को भी बिलखता छोड़ गए हैं।उनके परिवार में माता जानकी देवी, पिता वीरेंद्र सिंह के अलावा दो भाई प्रशांत सिंह और वसुदेव सिंह हैं।

इसके अलावा एक बहन श्रुति, पत्नी कुसुम देवी और एक साल का बेटा अक्षित है। वे 14-8 आर-आर गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे।उनकी शहादत की सूचना के बाद उनकी मां और पत्नी समेत बच्चों का भी रो- रोकर बुरा हाल है। योगंबर सिंह 6 साल पहले गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। बीती जुलाई महीने में ही योगंबर एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे।

टिहरी जिले के निवासी शहीद विक्रम नेगी 17 जुलाई को डेढ़ महीने की छुट्टी काटकर 22 अक्टूबर को पूजा के लिए अपने घर टिहरी आने का वदा करके ड्यूटी पर गए थे।उनके घरवाले उनका इंतजार कर रहे थे कि उनके शहीद होने का समाचार मिला।अपने घर में वे एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।साल 2015 में विक्रम आर्मी में भर्ती हुए थे।

गुरुवार 14 अक्टूबर की सुबह 8 बजे के करीब विक्रम सिंह नेगी ने अपनी मां से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की थी। इसी दिन जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी घुसने की खबर मिलने पर राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी की यूनिट सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में वे घायल हो गए। आर्मी अस्पताल में भर्ती किए गए विक्रम सिंह नेगी ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया।

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हरीश रावत को बताया बाजवा का भाई : उत्तराखंड की राजनीति में भी पाकिस्तानी कार्ड की सीधी एंट्री कराने की कोशिश शुरू हो गई है। देहरादून में भारतीय जनता युवा महिला मोर्चे की राष्ट्रीय महासचिव के नाम से आज कुछ बैनर लगाए देखे गए। इस बैनर में हरीश रावत को पाकिस्तानी आर्मी चीफ बाजवा का भाई बताते हुए शहीद नायब सूबेदार जसविंदर सिंह की हत्या को इससे जोड़ने का प्रयास किया गया।

भारतीय महिला युवा मोर्चा के इस प्रयास को लेकर कांग्रेस आगबबूला दिखाई दी। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा की यह घोर आपत्तिजनक है। चुनाव नजदीक आता देख भाजपा इस तरह के घटिया और चरित्र हनन करने वाले टोटकों में उतर आती है।

सेना के पराक्रम पर बीजेपी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना आदत बना चुकी है। हमारे रणबांकुरे धरती मां के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हैं जबकि भाजपा चुनाव जीतने के लिए उनकी शहादत को बेच खाती है।गरिमा का कहना है कि बीजेपी को निचले स्तर की राजनीति करने के लिए शर्म आनी चाहिए।

हरिद्वार में नहाने लायक पानी नहीं : यूपी सिंचाई विभाग के अधीन हरिद्वार से शुरू होने वाली गंगनहर के दशहरे की मध्यरात्रि से बंद होने का असर हरिद्वार में हर की पौड़ी में भी पड़ रहा है।गंगनहर बंद हो जाने से हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार को नहाने लायक भी पानी हर की पौड़ी के घाटों पर नहीं मिल सका। इससे नाराज हरिद्वार गंगा सभा के पदाधिकारियों ने इस बाबद यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर हरकी पौड़ी पर दो से तीन फुट जल छोड़े जाने की मांग की।

गंग नहर को वार्षिक साफ-सफाई के लिए दशहरे की मध्य रात्रि से बंद किया जाता है।इस बार 15 अक्टूबर को बंद की गई गंगनहर को 4 नवंबर को दीपावली के दिन खोले जाने की बात उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ शिवकुमार कौशिक ने बताई है। गंग नहर के बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में पानी की किल्लत होती है। गंग नहर को बंद करने के दौरान नहर की साफ-सफाई और मरम्मत के कार्य किए जाएंगे।



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