सोनिया का बयान अलोकतांत्रिक-भाजपा

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता|
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भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी द्वारा भारत अमेरीकी असैन्य परमाणु समझौता और सेतु समुद्रम परियोजना का विरोध करने वालों को विकास और शांति का शत्रु बताए जाने की कड़ी निन्दा की।


भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि गाँधी का वक्तव्य अलोकतांत्रिक है, जिसमें असहिष्णुता और अधिनायकवाद की बू आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चाई यह है कि राजग शासन के दौरान स्वर्ण चर्तुभुज योजना और नदियों को जोड़ने की जो योजनाएँ शुरू की गई थी उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। दरअसल कांग्रेस ही प्रगति के खिलाफ है।
प्रवक्ता ने कांग्रेस पर अमेर‍िका का पिछलग्गू बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान परमाणु समझौता समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है इसलिए भाजपा इस समझौते के विरोध में है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा से अगले तीस साल में 50 अरब डॉलर खर्च करने के बाद 35 हजार मेगावाट बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसलिए देश की जनता को यह फैसला करना है कि उसे 15 रुपए प्रति यूनिट वाली परमाणु बिजली या चार रुपए वाली पनबिजली चाहिए।

जावडेकर ने कहा कि भाजपा मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है। देश में इस समय जो हालात हैं, उसे देखते हुए जनता के लिए यह सुनहरा अवसर होगा कि वह परमाणु समझौते और सेतु समुद्रम परियोजना पर अपनी राय दें।


उन्होंने गाँधी को चुनौती देते हुए कहा कि संप्रग रामसेतु को तोड़ नहीं पाएगा क्योंकि जनभावना इसके खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सरकार ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है।



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