'ब्लूलाइन मालिकों की जवाबदेही तय हो'

उच्च न्यायालय ने दुर्घटना को संज्ञान लिया

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता|
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने रविवार को दक्षिणी दिल्ली में एक बस हादसे में आठ लोगों की मौत के मद्देनजर पुलिस को दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार सभी ब्लूलाइन बसों को तुरंत जब्त करने का सोमवार को सख्त आदेश दिया।


न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल और न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल की पीठ ने राजधानी में ब्लूलाइन बसों के कहर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है। पीठ ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से जानना चाहा है कि कल आठ लोगों की मौत की कारण बनी ब्लूलाइन बस के खिलाफ आखिर प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज कराई गई।

न्यायालय ने इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार रही सभी ब्लूलाइन बसों को जब्त करने का आदेश देते हुए कहा कि बिना उच्च न्यायालय की अनुमति के इन्हें नहीं छोड़ा जाए। इसके साथ ही महानगर से सभी ब्लूलाइन बसों को पूरी तरह हटाए जाने की नीति के संबंध में दिल्ली सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का भी आदेश दिया।

न्यायालय ने इस समस्या से निजात पाने में प्रशासन तंत्र की असफलता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर ऐसी क्या बात है कि इस तरह की दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी बसों के चालकों को बदल देने भर से यह समस्या हल नहीं होगी इसके लिए बस मालिकों को जवाबदेह बनाना होगा।

न्यायालय के मुताबिक दिल्ली परिवहन निगम की बसों के खिलाफ जहाँ आए दिन चालान काटे जाते हैं वहीं ब्लूलाइन बसों को इससे छूट मिली हुई है, इसलिए अब समय आ गया है कि इन बसों के मालिकों पर जवाबदेही तय की जाए।

न्यायालय ने हालाँकि ब्लूलाइन बसों को दिल्ली से हटाने के मामले की सुनवाई 15 दिसंबर को निर्धारित की थी, लेकिन अब इस पर समय से पहले 11 अक्तूबर को सुनवाई होगी।



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