मध्यप्रदेश निकाय चुनाव: महापौर और अध्यक्ष को सीधे चुनेगी जनता, आज आ सकता है अध्यादेश

Author विकास सिंह| Last Updated: बुधवार, 25 मई 2022 (10:01 IST)
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भोपाल। मध्यप्रदेश में नगर निगम और नगर पालिका चुनाव के चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे, अब इस बात पर लगभग मुहर लग गई है। मंगलवार देर रात भाजपा की हाईलेवल बैठक के बाद सरकार ने प्रत्यक्ष चुनाव कराने को लेकर अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया है। राज्यपाल आज अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे सकते है, इसके बाद इसका गजट नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। गौरतलब है कि ‘वेबदुनिया’ ने सबसे पहले अपने पाठकों को बताया था कि शिवराज सरकार में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने जा रही है।


मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ मंत्रियों से इस पूरे मामले पर वन-टू-वन चर्चा भी की। का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के फैसले से शिवराज सरकार पिछली कमलनाथ सरकार के एक और फैसले में बदलाव करने जा रही है। गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार ने महापौर और अध्यक्ष का चुनाव वार्ड पार्षदों के माध्यम से कराने का निर्णय लिया था जिसको शिवराज सरकार अब बदलने जा रही है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश 2000, 2005, 2010 और 2015 तक लगातार जनता ही महापौर और नगर पालिका के अध्यक्ष का चुनाव करती थी। वहीं 2018 में कमलनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बदलकर महापौर का चुनाव पार्षदों द्धारा किए जाने के लिए मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम में संशोधन कर दिया था।


वार्डो का आरक्षण आज होगा जारी-वहीं आज प्रदेश के 321 नगरीय निकायों में वार्डो का आरक्षण जारी होगा। आरक्षण का काम
पूरा होने के बाद निर्वाचन आयोग 321 नगरीय निकायों में चुनाव की घोषणा जून के पहले सप्ताह में कर सकतता है। चुनावी अधिसूचना के 30 दिन के अंदर पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्रदेश में निकाय चुनाव दो चरणों में ईवीएम से कराएं जाएंगे।



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