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इंदौर के आसपास घूमने के 10 खूबसूरत पिकनिक स्पॉट

सोमवार,सितम्बर 27, 2021
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भारतीय राज्य मध्यप्रदेश में देखने के लिए कई प्राकृतिक और तीर्थ स्थानों के साथ ही कई ऐतिहासिक स्थल भी मौजूद है। यहां देखने के लिए तो सैंकड़ों स्थल परंतु आपके लिए हम लाएं हैं 5 ऐसे खास स्थान जहां घूमने के दौरान आप और भी कई स्थानों का दौरा कर सकते हैं।
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इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है यहां का विशाल शिवलिंग, अपने-आप में अनूठे और विशाल आकार वाले इस शिवलिंग के कारण भोजेश्वर मंदिर को उत्तर भारत का सोमनाथ भी कहा जाता है। चिकने लाल बलुआ पाषाण के बने इस शिवलिंग को एक ही पत्थर से बनाया गया है और यह विश्व ...
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भारतीय उपमहाद्वीप में मानव इतिहास की शुरूआत के कुछ ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं जिन्हें आज भी जस का तस देखा जा सकता है। यहां आने पर एहसास होता है कि ऐसी भी जगह हो सकती हैं जो समय के थपेड़ों से अछूती है, यहां मानों समय लाखों वर्षों से ठहरा हुआ है। परंतु इस ...
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मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में पहली बार पर्यटन के एक रोचक सफर से परिचय करवाने के प्रयास के तहत चार दिवसीय 'टूर दि सतपुड़ा', 400 किलोमीटर साइकिल पर्यटन का आयोजन किया जा रहा है।
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अमरकंटक: नदियों का शहर

बुधवार,जुलाई 5, 2017
शीशम, सागौन, साल, शिरीष के ऊंचे-ऊंचे घने वन जहां सूरज की किरणें भी धरा पर नहीं पहुंचती। जहां तक नजर जा रही है वहां तक घने शांत वन और दूर-दूर तक दिखाई देते ऊंचे-ऊंचे पर्वत। मार्च की हल्की-फुल्की ठंड मौसम को और ज्यादा खुशनुमा बना रही है। मैं बात कर ...
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भोपाल से लगभग 30 किमी दूर रायसेन जिले में स्थित है भोजपुर। भोजपुर अपने शिव मंदिर के लिए जाना जाता है। प्रकृति की गोद में स्थित यह मंदिर अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर से आसपास का नजारा बहुत ही आकर्षक है।
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सांची एक ऐसी जगह है जो इतिहास के प्रेमियों के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए भी है। सांची केवल बौद्ध धर्म को समर्पित नहीं है यहां जैन और हिन्दु धर्म से सम्बंधित साक्ष्य मौजूद हैं। मौर्य और गुप्तों के समय के व्यापारिक मार्ग में स्थित होने के कारण ...
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प्रतिवर्ष ही रामभक्त हनुमान की जयंती देशभर में उल्लास के साथ मनाई जाती है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को यह पर्व बड़े ही उत्साह व धूमधाम के साथ मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था। पवनपुत्र हनुमान को सर्वशक्तिमान देवता के रूप में ...
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प्रकृति के कई ऐसे अहसास हैं जो हमें शहरों में रहते हुए नहीं मिलते। कांक्रीट के जंगलों में रहते हुए हमारी नई पीढ़ी इस धरती की खूबसूरती को सिर्फ कागजों या चित्रों में ही देखती है। कितना अच्छा हो जो उसे प्रकृति के उस अनछुए अहसास को नजदीक से महसूस करने ...
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इन दिनों एक खास तरह के बाजार से गुलजार है। राजधानी में भोपाल रियासत के समय में लगभग 100 साल पहले लगने वाले 'परी बाजार' की यादों को फिर ताजा करने के लिए 'मीना बाजार' लगाया गया है, जहां केवल महिलाओं को ही प्रवेश दिया जा ...
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मांडू में पत्थर बोलते हैं और बरसों पुरानी प्रेम कहानी को बयां करते हैं। इमारतें जो बाज बहादुर ने रानी रूपमती के प्रेम तोहफे के रूप में बनवाई थीं। आज भी ये पत्थर उसी दास्तान को दोहराते हैं। पूर्व के शासकों ने जो इमारतें बनवाई हैं वे प्रकृति के ...
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मांडू मध्यप्रदेश का एक ऐसा पर्यटनस्थल है, जो रानी रूपमती और बादशाह बाज बहादुर के अमर प्रेम का साक्षी है। यहां के खंडहर व इमारतें हमें इतिहास के उस झरोखे के दर्शन कराते हैं, जिसमें हम मांडू के शासकों की विशाल समृद्ध विरासत व शानो-शौकत से रूबरू होते ...
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पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है जानें पचमढ़ी, सतपुड़ा पर्वत, जलप्रपात, पचमढ़ी पर्यटन स्थल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी! म.प्र. के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी 1067 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। यहां का तापमान सर्दियों में 4.5 डिग्री से. तथा ...
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अमरकंटक नर्मदा का उद्गम स्थल है जानें भारत के पवित्र एवं प्रसिद्ध तीर्थस्थल अमरकंटक के बारे में सम्पूर्ण जानकारी अमरकंटक दर्शन लेख पर! भारत के पर्यटन स्थलों में अमरकंटक प्रसिद्ध तीर्थ और नयनाभिराम पर्यटन स्थल है। विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के बीच ...
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शौर्य एवं साहस के प्रतीक महोबा के चंदेल शासकों, आल्हा-ऊदल, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई आदि की कर्मस्थली रहा बुंदेलखंड भारतीय टूरिज्म का हब बनेगा। यहां पर्यटन के लिए आने वाले देशी-विदेशी सैलानी विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के शिल्प सौन्दर्य के अलावा अब समूचे ...
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अगर आप यात्रा पर जाते हैं तो मन बहलाव होता है। व्यक्ति को कुछ दिनों के लिए चिंता-तनाव से मुक्ति मिल जाती है। मन को काफी सुकून मिलता है। व्यक्ति नई ऊर्जा से भर जाता है तथा वह नई उमंग व उत्साह के साथ अपने कार्य में सम्मिलित हो जाता है।
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सैर की सैर और ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी...। सुविधा के साथ प्राकृतिक दृश्यों का लुत्फ लेने की चाह रखने वाले अमूमन बस या फिर खुद के वाहन से जाना ज्यादा पसंद करते हैं। इंदौर से दूरी लगभग 80 किमी होती है।
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ग्वालियर के किले की खूबसूरती की कहानी आने वाले समय मे लेडी गाइड की जुबानी सुनने मिलेगी। टूरिज्म बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार यह पहल कर चुकी है। इसकी शुरुआत कान्हा टाइगर रिजर्व से हो गई है। अब इसे ग्वालियर समेत प्रदेश भर में शुरू किया जाएगा। इससे ...
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बाघ विहीन होने पर पन्ना टाइगर रिजर्व तीन साल पूर्व जिस तरह से सुर्खियों में आया था, अब वह बाघों की तेजी से वंशवृद्धि को लेकर चर्चा में है। सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि टाइगर रिजर्व से बाघों का पूरी तरह से सफाया हो जाने के बावजूद भी यहां के बाघों ...
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