डेटिंग का बदला तरीका, इन 4 तरीकों से मिलेनियल के रिश्‍ते बनते -बिगड़ते हैं



आज के वक्‍त में या 21वीं सदी में डेटिंग के मायने पूरी तरह से बदल गए है। जिससे रिश्‍ते के मोल में भी बहुत फर्क पड़ा है। आज मिलेनियल्‍स एक-दूसरों को डेट कर रहे हैं लेकिन जब बात उस रिलेशन को लाइफटाइम तक निभाने की बात आती है तब अपने कमिटमेंट पर खरे उतरने में बड़ी देर लगाते हैं और न जानें कितने लोग पीछे हट जाते हैं। एक दौर था जब आमने-सामने मिलकर रिश्‍तों को निभाया जाता था लेकिन आज के वक्‍त में बहुत कुछ बदल गया है। आइए जानते हैं 21वीं सदी में किस तरह से डेट किया जाता है।




1.फिजिलक डेट vs वर्चुएल डेट

आज के वक्‍त में सोशल मीडिया जीवन का हिस्‍सा बन गया है। इसकी वजह से डेट करने में काफी बदलाव देखे गए है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह हमारी डेटिंग का एक नया प्‍लेटफॉर्म बन गया है।

डेटिंग एप द्वारा एक सर्वे किया गया था जिसमे सामने आया कि 21 से 30 साल के बीच के लोग 72 फीसदी रियल कनेक्‍शन के लिए अपने पार्टनर से व्‍यक्तिगत रूप से मिलना पसंद करते हैं।

वहीं वर्चुअल डेटिंग की बात आती है तो 90 के दशक की जनरेशन अपने एक्‍सपीरियंस को वास्‍तविक रखना चाहती है। 20 साल से कम उम्र के वर्चुअल डेट को पसंद करते हैं, करीब 46 फीसदी युवा वर्चुअल डेट को प्राथमिकता देते हैं।

2. चुपचाप कम्‍युनिकेशन बंद कर देना

किसी के साथ लंबे वक्‍त तक रिलेशन में रहना और ब्रेकअप कर लेना आसान नहीं है। पर आज ब्रेकअप करने का तरीका भी बहुत बदल गया है। ऐसा लगता है जैसे अपमान किया जा रहा हो। 70 के दशक की बात की जाए तब सम्‍मान के साथ उस रिश्‍ते को खत्‍म किया जाता था। लेकिन आज के वक्‍त में घोस्टिंग की जाती है यानी की ब्रेकअप करने की सही वजह बताए बिना ही कम्‍यूनिकेशन खत्‍म कर देना। सर्वे के मुताबिक 18 से 20 साल की उम्र के टीनऐजर अपने रिलेशन को घोस्‍ट कर देंगे।

3. रिजेक्‍शन का डर

हमारे पैरेंट्स के वक्‍त ऐसा मोबाइल का बहुत चलन नहीं था। तो उस दौरान आमने-सामने मिलते थे। रिजेक्‍शन का सामना करने की क्षमता होती थी। लेकिन वे अपनी फिलिंग्‍स जरूर शेयर करते थे। लेकिन आज की जनरेशन एक अलग ही कॉनसेप्‍ट के साथ रहते हैं जिसे फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स भी कहा जा सकता है। जी हां, जब बात सीरियड रिलेशनशिप की आती है तो कोई इसके लिए तैयार नहीं होता है। इसलिए भी कई बार वे बात नहीं करते हैं। और खुद को वर्चुअल वर्ल्‍ड तक सीमित कर लेते हैं।

4. कैचुएल रिलेशन

जी हां, आज की जनरेशन किसी से दोस्‍ती यह सोचकर नहीं करती की लाइफटाइम साथ ही रहना है। अगर उनके मन में प्‍यार होता भी है तो वह एक दोस्‍ती से उसकी शुरूआत करते हैं, इसके बाद धीरे से एक ऐसे रिलेशन में एंटर करते हैं जिसे वे किसी तरह का नाम नहीं दे सकते या देना भी नहीं चाहते हैं। और जब सीरियस रिलेशन की बात आती है तो वे उस मोड में जाने के लिए एक स्‍लो प्रोसेस का रास्‍ता अपनाते हैं।



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