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एक हाथ में QUAD और दूसरे में AUKUS आखिर अमेरिका चाहता क्या है...

रविवार,सितम्बर 26, 2021
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हजारों ताड़ के पौधों से भरे ट्रैक्टरों के काफिले दक्षिणपूर्वी भारत के इलाकों में पहुंच रहे हैं। दुनिया में पाम ऑयल के सबसे बड़े खरीदार, भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए 1.5 अरब डॉलर की योजना शुरू की है।
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एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 41 सालों में जर्मनी के आकार से छह गुना ज्यादा आर्कटिक की बर्फ पिघल गई। इससे पूरी दुनिया में समुद्रों का सतह नाटकीय रूप से बढ़ा है।
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उत्तर कोरिया ने कहा है कि 1950-53 के युद्ध की औपचारिक समाप्ति की घोषणा दक्षिण कोरिया की अपनी जल्दबाजी है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ संघर्ष को औपाचारिक रूप से खत्म मान लेने की अपील को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि यह अमेरिका की उत्तर ...
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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों से बातचीत करने की कोशिश की है लेकिन वह अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। ब्रिटेन ने फ्रांस को गुस्सा थूकने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र और क्वॉड नेताओं की ...
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कार्बनमुक्त भविष्य के लिए जर्मनी ग्रीन हाइड्रोजन को जादुई हथियार मानता है। खासकर उन उद्योगों के लिए जिनका कार्बन उत्सर्जन बहुत ज्यादा है। लेकिन राष्ट्रीय हाइड्रोजन प्लान में चुनाव बाद कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में रिकॉर्ड संख्या में देशों में यूजर्स को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तारी और शारीरिक हमलों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में डिजिटल स्वतंत्रता की एक गंभीर तस्वीर पेश की गई है।
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एस्बेस्टस अपने पूरे जीवनकाल में हानिकारक बना रहता है और इससे फेफड़ों के कैंसर, एस्बेस्टोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है। इसलिए दुनिया के करीब 70 देशों ने एस्बेस्टस उत्पादों पर रोक लगाई है।
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देश में पिछले साल कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा था लेकिन सड़क हादसों में कोई कमी नहीं आई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि हर रोज औसतन 328 लोगों की मौत हुई।
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असम में तैयार एनआरसी को कानूनी वैधता प्रदान के मामले पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। इस वजह से लाखों लोगों का भविष्य अधर में लटका है।
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सेंट्रल अडॉप्शन रिसॉर्स अथॉरिटी (CARA) के मुताबिक साल 2020-21 में साल 2015-16 के बाद से सबसे कम बच्चों को गोद लिया गया। इस दौरान 3,142 बच्चों को ही अडॉप्ट किया गया, जबकि साल 2019-20 में 3,351 बच्चों को गोद लिया गया था।
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प्रशांत महासागर के तट पर रहने वाली अफ्रीकी मूल की कोलंबियाई महिलाओं ने हिंसा व संघर्ष के साथ-साथ खनन और अवैध कटाई से उत्पन्न हालातों का सामना किया है। अब ये महिलाएं अपने पर्यावरण को बचाने के लिए साथ मिलकर काम कर रही हैं।
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जर्मनी की विदेश नीति स्पष्ट रूप से मूल्य आधारित है। लेकिन जब लोकतंत्र, कानून का शासन और मानवाधिकार, वाणिज्य और व्यापार के तर्क से टकराते हैं तो क्या होता है? जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने अपने होमपेज पर जर्मन विदेश नीति के मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप ...
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तेजी से गर्म हो रही पृथ्वी को ठंडा करने के लिए वैज्ञानिक नए-नए तरीकों पर काम कर रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ग्लोबल वॉर्मिंग को वाकई रोका जा सकता है या यह सिर्फ भ्रम है?
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अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के नए सैन्य समझौते को चीन से ही नहीं, पश्चिमी देशों से भी आलोचना झेलनी पड़ रही है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बीच हुए नए सैन्य समझौते की चीन के अलावा फ्रांस ने भी आलोचना की है। गुरुवार को तीनों देशों के ...
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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता रहने के लिए देश में सबसे सुरक्षित महानगर है। इसके बावजूद इसके राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध चिंता का विषय बन गए हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की ओर से जारी वर्ष 2020 के आंकड़ों ...
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जापान की बूढ़ी होती आबादी को यातायात की सुविधा की जरूरत है जिसे देश स्वचालित गाड़ियों से पूरी करना चाह रहा है। हालांकि हाल ही में हुए एक हादसे ने इस राह में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित कर दिया है।
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प्लांट बेस्ड पेय पदार्थों पर यह फैसला अचानक नहीं आया है। लंबे समय से भारतीय डेयरी उद्योग इसके लिए खाद्य नियामक पर दबाव डाल रहा था। वैसे 'असली दूध' को लेकर ऐसी ही कुछ लड़ाइयां यूरोप और अमेरिका में भी चली हैं। भारतीय फूड रेगुलेटर- फूड सेफ्टी एंड ...
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संयुक्त राष्ट्र ने दुनियाभर की सरकारों से आग्रह किया है कि कृषि सब्सिडी के मुद्दे पर ज्यादा उग्र सुधारवादी तरीके से सोचा जाए। अपनी एक रिपोर्ट में यूएन ने कृषि सब्सिडी में बड़े बदलावों की जरूरत बताई है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कृषि सब्सिडी पर ...
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राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के मुताबिक साल 2019 में भारत में करीब 32 हजार रेप के मामले दर्ज हुए। यानी हर घंटे में औसतन 4 मामले जबकि भारत में रेप से जुड़े कानून बहुत कड़े हैं, जिनमें मौत की सजा तक का प्रावधान है।
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