20 साल बाद फिर यूपीसीए के कब्जे में ग्रीनपार्क

पुनः संशोधित शनिवार, 1 अगस्त 2015 (15:49 IST)
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कानपुर। शनिवार को उत्तरप्रदेश का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ग्रीनपार्क एक बार  फिर उत्तरप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की देखरेख में आ गया। इस बाबत ग्रीनपार्क के खेल अधिकारी ने  के निदेशक को शनिवार को ग्रीनपार्क की देखरेख की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से सौंपी।
यूपीसीए और उत्तरप्रदेश सरकार के बीच 2 जून 2015 को एमओयू साइन हुआ था जिसके तहत  उत्तरप्रदेश सरकार ने उत्तरप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को 1 करोड़ रुपए सालाना किराए की लीज  पर 30 साल के लिए देने की बात कही थी।
 
यूपीसीए के अधिकारी 1995 के बाद अब दूसरी बार एक बार फिर ग्रीनपार्क लीज पर मिलने पर काफी  खुश हैं, क्योंकि उसका मानना है कि इससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), जो अंतरराष्ट्रीय  वनडे और टेस्ट मैच देने के लिए यूपीसीए को हिचकता था, वह बाधा दूर हो गई है और अब ग्रीनपार्क को  नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच मिलते रहेंगे।
 
यूपीसीए के निदेशक प्रेमधर पाठक ने बताया कि शनिवार को ग्रीनपार्क की खेल अधिकारी ने यूपीसीए को  ग्रीनपार्क की जिम्मेदारी सौंप दी है।
 
उन्होंने कहा कि ग्रीनपार्क को यूपीसीए के हवाले करने से पहले ग्रीनपार्क के अधिकारियों को निर्माण कार्य  शीघ्र पूरा कराने और पार्क में अनधिकृत रूप से रह रहे कर्मचारियों से खाली कराने की सूची सौंपी थी  जिसे उन्होंने मान लिया गया है। अब यूपीसीए की पहली प्राथमिकता अक्टूबर 2015 में भारत और  दक्षिण अफ्रीका के बीच एक दिवसीय मैच की तैयारियों को लेकर है।
 
गौरतलब है कि ग्रीनपार्क में अंतिम मैच भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 नवंबर 2013 को  एकदिवसीय क्रिकेट मैच हुआ था, उसके बाद पिछले साल भी भारत और वेस्टइंडीज का एक अभ्यास मैच  मिला था लेकिन चूंकि वेस्टइंडीज का दौरा बीच में ही रद्द हो गया इसलिए यहां मैच नहीं हो पाया। 
 
उत्तरप्रदेश सरकार और यूपीसीए के तहत करार के तहत यूपीसीए प्रत्येक वर्ष प्रदेश सरकार को 1 करोड़  रुपए देगा और कोई भी अंतरराष्ट्रीय एक दिवसीय या टेस्ट मैच होने पर 15 लाख रुपए अलग से प्रति  मैच देंगी। स्टेडियम के ग्राउंड का रखरखाव यूपीसीए के जिम्मे होगा जबकि स्टेडियम की बिल्डिंग का  निर्माण काम और रखरखाव का जिम्मा उत्तरप्रदेश सरकार का होगा।
 
ग्रीनपार्क स्टेडियम में आईपीएल और डे-नाइट के मैच होना संभव नहीं है, क्योंकि स्टेडियम में जो  फ्लडलाइट लगी है, वह खराब है और उनसे इतनी रोशनी नहीं होती है कि उस रोशनी में डे-नाइट मैच या  आईपीएल करवाए जा सकें।
 
अगर उत्तरप्रदेश सरकार ने लाइट की व्यवस्था ठीक कर दी और ग्रीनपार्क को डे-नाइट मैच या आईपीएल  मैच एलॉट हुए तो उस दशा में यूपीसीए प्रति मैच 25 लाख रुपए प्रति मैच उत्तरप्रदेश सरकार को देगी।
 
ग्रीनपार्क स्टेडियम पहली बार यूपीसीए को लीज पर नहीं मिला है बल्कि इससे पहले 1975 में ग्रीनपार्क  को प्रदेश सरकार ने यूपीसीए को 20 साल के लिए लीज पर दिया था। 1995 में जब लीज खत्म हो  गई तो यूपीसीए ने बहुत कोशिश की कि एक बार फिर उसे स्टेडियम लीज पर मिल जाए, लेकिन बात  नहीं बनी। अब 20 साल बाद जाकर एक बार फिर यूपीसीए को प्रदेश सरकार ने लीज पर दिया है।
 
इन 20 सालों में ग्रीनपार्क में जितने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हुए, उसके लिए उत्तरप्रदेश सरकार प्रति  एक दिवसीय मैच 1 करोड़ रुपए और टेस्ट मैच के लिए 50 लाख रुपए किराया वसूलती थी, लेकिन अब  जब लीज हो गई तो यूपीसीए को यह किराया नहीं देना पड़ेगा। (भाषा) 
 



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