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International Equal Pay Day : अंतरराष्‍ट्रीय समान वेतन दिवस क्यों मनाया जाता है

शनिवार,सितम्बर 18, 2021
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शिवाजी सावंत प्रख्‍यात मराठी साहित्यकार थे। उनका जन्‍म 31 अगस्‍त 1940 को आजरा, जिला कोल्‍हापुर, महाराष्‍ट्र में हुआ था। उनका पूरा नाम शिवाजी गोविंदराव सावंत था। बचपन से ही उन्‍हें लेखन में रूचि थी। अपने लेखन की शुरूआत उन्‍होंने कविता से की थी। ...
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नरेन्द्र मोदी का जन्म तत्कालीन बॉम्बे राज्य के महेसाना जिला स्थित वडनगर ग्राम में हीराबेन मोदी और दामोदरदास मूलचन्द मोदी के एक मध्यम-वर्गीय शाकाहारी परिवार में 17 सितंबर 1950 को हुआ।
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16 सितंबर को हर साल पूरी दुनिया में ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया जाता है। ओजोन परत का बहुत महत्‍व है। ओजोन लेयर धरती के वायुमंडल की एक परत है। जो सूरज से सीधे आने वाली किरणों को रोकती है। सूरज की किरणों से सबसे अधिक कैंसर का खतरा रहता है। इससे स्किन ...
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कर्नाटक संगीत की नामचीन हस्ती एमएस सुब्बुलक्ष्मी की जयंती है आज....
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ओजोन लेयर के बारे में सभी ने बचपन से ही पढ़ा है, आप यह तो जानते ही होंगे की धरती से 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक परत होती है, जिसे ओजोन लेयर (ozone layer) कहा जाता है। यह परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (ultraviolet radiations) को हम तक पहुंचने ...
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देवदास, परिणीता, श्रीकांत जैसे उपन्‍यास शरतचंद्र चट्टोपाध्‍याय ने बांग्‍ला में लिखे थे। लेकिन उनकी रचनाओं के अलग -अलग भाषा में अनुवाद ने उनको देश-विदेश में मशहूर बना दिया। उनके उपन्‍यास वर्तमान परिस्थितियों से भी ताल्‍लुक रखते हैं। उनके किरदारों में ...
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अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र दिवस हर साल 15 सितंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। लोकतंत्र एक ऐसी प्रणाली है जिसमें जनता अपने मत का प्रयोग कर प्रतिनिधि का चुनाव करती हैं। लोकतंत्र का सरल भाषा में मतलब 'जहां न कोई राजा' और 'न कोई गुलाम है' सभी एक ...
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आज भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्मदिवस है, भारत में प्रतिवर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर डे मनाया जाता है। इस दिन को महान इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया को समर्पित किया गया है
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आज भारत या अन्‍य देश विकास के दम पर अव्‍वल साबित हो रहे हैं। तकनीक किसी भी रूप में विकसित हो रही है पर देश आगे बढ़ रहा है। भारत में हर साल 15 सिंतबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। जिसे अभियंता दिवस भी कहते हैं। दरअसल, 15 सितंबर को महान इंजीनियर और ...
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एक पेड़ पर आपने भी एक ही प्रकार के फल देखें होंगे। सुनकर हर कोई आश्‍चर्य होगा कि एक पेड़ पर 40 तरह के फल कैसे लग सकते हैं। हालांकि लगातार बढ़ती आधुनिक तकनीक के चलते आज यह भी संभव है। आज खेती के क्षेत्र में यह 'ट्री ऑफ 40' के रूप में संभव हो सका है। ...
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ब्रिटेन में जन्‍मी नाइटिंगेल गर्ल धनी परिवार से ताल्‍लुक रखती थी। बचपन से ही गणित में रूचि थी। लेकिन इसी के साथ सेवा भाव भी मन में बहुत था। वह जिस भी शहर में जाती थी, वहां की जनसंख्‍या, कितना बड़ा क्षेत्र है, कितने अस्‍पताल है, स्‍वास्‍थ्‍य की क्‍या ...
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हर दिन नई तकनीक ईजाद हो रही है। कंप्‍यूटर, सॉफ्टवेयर और तकनीक दुनिया ने लाइफ को बहुत हद तक सरल बना दिया है। बड़े -बड़े सॉफ्टवेयर के पीछे अलग-अलग तरह से कोडिंग-डिकोडिंग की जाती है। क्‍लाउड और दूसरी गहन रिसर्च करके तकनीक चीजों से जुड़ी जटिल समास्‍याओं ...
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हिन्दी हमारे स्वाभिमान और गर्व की भाषा है, हिन्दी ने हमें विश्व में एक नई पहचान दिलाई है। भारत में हर वर्ष '14 सितंबर' को हिन्दी दिवस मनाया जाता है।
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9/11 हमले का दर्द आज भी कई लोग झेल रहे हैं। दुनिया की सबसे ताकतवर देश में शुमार अमेरिका पर 9/11 में हुए हमले ने समूची दुनिया को हिला कर रख दिया था। इस आतंकी हमले में करीब 3000 लोगों की मौत हुई। 9 /11 हमले में 19 आतंकियों ने 4 प्लेन हाईजैक किए थे। ...
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उठो, जागो और तब तक मत रूको, जब तक लक्ष्‍य की प्राप्‍ती ना हो जाए। स्‍वामी विवेकानंद के और भी कई संदेश है जो युवाओं को हर कदम पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। आज भले ही वो इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके सुविचार आज भी दोहराएं जाते हैं। उनके संदेश ...
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गोविंद वल्लभ पंत जी का जन्म 10 सितंबर 1857 को अल्मोड़ा के खूंट नामक गांव में में हुआ था।
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गणेशजी को मोदक प्रिय है यह तो सभी जानते हैं, परंतु उनके मोदक प्रिय होने के कई कारण हैं। मोदक लड्डू को गणपति जी को अर्पित करने से वे प्रसन्न हो जाते हैं।
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गणपति बप्पा मोरिया। घर-घर में इस जयकारे के साथ गणेश स्थापना होगी। क्यों ना इस बार घर में ऐसे गणेश जी बनाएं जो पर्यावरण के लिए भी शुभ हो और हमारे लिए भी। तो फिर करें श्री गणेश, गणेश जी बनाने का? जिन्होंने हमें रचा है आइए आज सौंधी माटी से हम उन्हें ...
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महाभारत के प्रथम अध्याय में उल्लेख है कि वेद व्यास ने श्री गणेश जी को इसे लिखने का प्रस्ताव दिया तो वे तैयार हो गए। उन्होंने लिखने के पहले शर्त रखी कि महर्षि कथा लिखवाते समय एक पल के लिए भी नहीं रुकेंगे।
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