बूझो तो जानें : नववर्ष पर पढ़ें मस्त-मस्त पहेलियां

6.

सुबह लाए हलचल खासी,
दोपहर शाम होता बासी,
बाद में तिक्का बोटी हुई
अंगरेज जैसे जीते झांसी।






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