आपको याद दिला देंगे ये गेम्स आपका बचपन


7. ताश के गेम (तीन दो पांच और सत्ती अठ्ठी) : ताश के पत्तों से कम खिलाड़ी होने की सूरत में मनोरंजने के लिए तीन दो पांच और सत्ती अठ्ठी का सहारा लिया जाता था। तीन दो पांच में तीन खिलाड़ी और सत्ती अठ्ठी में दो खिलादी खेलते थे। पत्ते दो सत्ती और उसके उपर के ही होते थे। इनमें बड़े पत्ते के सहारे सर बनाए जाते थे और एक खिलाड़ी को तुरुप बोलना पड़ती थी। इन दोनों गेम्स के कुछ नियम होते थे जिनके मुताबिक खिलाड़ी जीतता था। 
 
8. व्यापार या बिजनेस : यह एक बोर्ड गेम किस्म का था। इसमें कई छोटे बॉक्स में देश के शहरों के नाम लिखे होते थे। हर खिलाड़ी को कुछ पैसे मिलते थे जिनसे उन्हें शहर खरीदने को मिलता था। इन शहरों पर आने वाले खिलाड़ी उन्हें कुछ किराया चुकाते थे। इसे व्यापार या बिजिनेस कहा जाता था। इसमें किसी का हारना घंटों या दिनों का काम था क्योंकि खिलाड़ी पर कर्ज, कंगाल होने जैसी स्थितियां बहुत बाद में आती थीं।
 
 
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