आपको याद दिला देंगे ये गेम्स आपका बचपन

3. सितोलिया या पिट्टू : इस खेल के लिए दो टीमों की जरूरत होती थी। सात समतल पत्थरों को एक के उपर एक जमाकर उन्हें बॉल मारकर नीचे गिराना था परंतु हर टीम को यह काम दूसरी टीम के उन्हें पत्थर मारकर आउट करने के पहले करना होता था।


4. सोलह सार : यह शतरंज के खेल की तरह था जिसमें हर खिलाड़ी के पास सोलह स्थान होते थे। शतरंज से अलग सभी गोटियां एक समान ताकत लिए होती थीं। इसमें न ही कोई राजा होता था और न ही प्यादा।

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