नजरिया खास है!

ND| पुनः संशोधित मंगलवार, 11 जनवरी 2011 (19:24 IST)
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बहुत साल पहले जूते बनाने वाली एक ब्रिटिश कंपनी ने दो सेल्समैन को एक-एक करके अफ्रीका भेजा। इन दोनों को यह काम दिया गया कि वे जाकर पता लगाएँ कि अफ्रीका में जूतों की माँग कितनी हो सकती है।


पहला सेल्समैन गया और कुछ दिनों बाद वापस लौट आया। आकर उसने कहा- वहाँ जूते बनाने वाली कंपनी की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि वहाँ कोई भी जूता नहीं पहनता।

कुछ दिनों बाद दूसरे सेल्समैन को अफ्रीका भेजा गया। दूसरा सेल्समैन अपनी यात्रा से लौटा और उसने कंपनी के उच्च अधिकारियों से कहा कि वहाँ जूते बनाने वाली कंपनी की बहुत जरूरत है, क्योंकि यहाँ कोई भी जूता नहीं पहनता।

बातचीत जरूरी है क्योंकि

किसी गाँव में पति और पत्नी बड़े आनंद से रहते थे। एक बार उन दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों ने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया। दोनों के बीच एक दिन बातचीत बंद रही। फिर दूसरा दिन भी बिना बातचीत के गुजर गया।
तीसरे दिन भी बातचीत बंद ही थी, पर पति को चिंता हुई क्योंकि चौथे दिन उसे सुबह ४.३० बजे उठकर ट्रेन से दिल्ली जाना था और वह अपनी नींद का पक्का था। उसकी नींद जल्दी खुलती नहीं थी। पति ने सोचा कि पत्नी से बात करता हूँ तो लगेगा किसी गाँव में पति और पत्नी बड़े आनंद से रहते थे।

एक बार उन दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। दोनों ने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया। दोनों के बीच एक दिन बातचीत बंद रही। फिर दूसरा दिन भी बिना बातचीत के गुजर गया। तीसरे दिन भी बातचीत बंद ही थी, पर पति को चिंता हुई क्योंकि चौथे दिन उसे सुबह ४.३० बजे उठकर ट्रेन से दिल्ली जाना था और वह अपनी नींद का पक्का था। उसकी नींद जल्दी खुलती नहीं थी।
पति ने सोचा कि पत्नी से बात करता हूँ तो लगेगा कि मैंने हार मान ली। पति सोच रहा था तभी उसे एक विचार आया ‍कि क्यों न एक कागज पर अपनी बात लिखकर रख दूँ। पति ने एक कागज पर लिखा - 'कल मुझे सुबह 4.30 बजे उठा देना, मुझे जरूरी काम से दिल्ली जाना है।'

अगले दिन पति की नींद खुली और उसने घड़ी में देखा तो 8 बज गई थी। वह बहुत गुस्सा हुआ। तभी उसकी नजर घड़ी के नीचे रखे कागज पर गई। उसने देखा कि कागज पर उसके लिखे के नीचे पत्नी ने लिखा था - '4.30 बज गए हैं, अब उठ जाओ।'



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