नटखट कविता : आओ! पकड़ा पाटी खेलें

कृष्ण वल्लभ पौराणिक|
रामू आओ! श्यामू आओ!
टोनी आओ! गोनी आओ! 
निप्पू आओ! संजू आओ!
चम्पू आओ! गुड्डू आओ!
मिलकर पकड़ा पाटी खेलें
आओ! पकड़ा... ...1
 
मंजू आओ! रानी आओ!
श्यामा आओ! गौरी आओ! 
चम्पा आओ! जमना आओ!
मीनू आओ! सोनू आओ!
जुड़कर पकड़ा पाटी खेलें
आओ! पकड़ा... ...2
 
चढ़ा झाड़ पर जो भी होगा
छूना ना पाओगे उसको तुम
खड़ा जमीन जो भी होगा,
छूकर उसको मरा बताओ
जमकर पकड़ा पाटी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...3
 
आओ! अब सिक्का उछालते,
चित होगा लड़कों के हित में
पट होगा लड़की जीतेगी,
यह पट आया लड़की जीती
लड़के दांव की बारी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...4
 
दांव एक लड़का देवेगा,
और सभी चुप बैठ रहेंगे,
थक जाने पर किसी अन्य को
उठने का अवसर देवेंगे
यों हम पकड़ा पाटी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...5
 
कन्या दल के सभी खिलाड़ी
को छूने तक खेल चलेगा
तभी दांव कन्या दल देगा,
बालक दल तब झाड़ चढ़ेगा,
बना इसे परिपाटी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...6
 
वृक्ष चढ़े भी कूद-कूदकर,
खुद छूने का न्योता देते
पलक झपकते ऊपर चढ़कर,
आओ! पकड़ो हमको कहते
हंस-हंस पकड़ा पाटी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...7
 
नहीं कभी है झाड़ कहीं तो
दौड़ जमीं ऊंचे चढ़ जाओ
छू न सकेगा दांव खिलाड़ी,
भिन्न-भिन्न विधियां अपनाओ,
चुनकर पकड़ा पाटी खेलें,
आओ! पकड़ा... ...8> >



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