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हनुमानजी ने ऐसा किया चमत्कार कि जगन्नाथ मंदिर में नहीं आती है समुद्र की आवाज

शनिवार,जुलाई 10, 2021
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मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी की पूजा होती है। इस दिन उन्हें लौंग, इलायची, सुपारी, पान का बीड़ा अर्पित करना चाहिए। गुड़-चने का प्रसाद, लड्डू, केसर भात, इमरती, रोट या रोठ, पंचमेवा, चमेली का तेल और फूल, सिन्दूर, ध्वज, जनेऊ, लाल चंदन में केसर, चौला आदि ...
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महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण पर आधारित तुलसीकृत महाकाव्य रामचरित मानस का पंचम सोपान है सुंदरकाण्ड। सुंदरकाण्ड में रामदूत, पवनपुत्र हनुमान का यशोगान किया गया है। आओ जानते हैं सुंदरकाण्ड का पाठ करने के चमत्कारिक लाभ।
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श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस लिखने से पहले हनुमान चालीसा लिखी थी और फिर हनुमान की कृपा से ही वे श्रीरामचरित मानस लिख पाए। कहते हैं कि तुलसीदासजी ने ही बजरंग बाण भी लिखा था। आओ जानते हैं कि बजरंग बाण का पाठ क्यों ...
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श्री हनुमान चालीसा (हिन्दी अर्थ सहित) - श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
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इंद्रा‍दि देवताओं के बाद धरती पर सर्वप्रथम विभीषण ने ही हनुमानजी की शरण लेकर उनकी स्तुति की थी। विभीषण को भी हनुमानजी की तरह चिरंजीवी होने का वरदान मिला है। वे भी आज सशरीर जीवित हैं। विभीषण ने हनुमानजी की स्तुति में एक बहुत ही अद्भुत और अचूक स्तोत्र ...
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हनुमान चालीसा की ही तरह 'हनुमान साठिका' भी अत्यंत चमत्कारी और प्रामाणिक स्तोत्र है। यह अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावी है अत: इसके पाठ में शुद्धता का ध्यान रखना अनिवार्य है।
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कथा के अनुसार हनुमान जी ने सूर्य देवता को अपना गुरु बनाया था। सूर्य देवता ने नौ प्रमुख विद्याओं में से पांच विद्या अपने शिष्य हनुमान को सिखा दी थी। लेकिन जैसे ही बाकी चार
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पवनपुत्र हनुमान एकमात्र ऐसे देवता हैं जो किसी भी कार्य में कभी विफल नहीं हुए। संजीवनी लाने से लेकर अहिरावण का नाश करने तक सीता की खोज से लेकर सुग्रीव के मिलन तक जितने भी कार्य उन्हें सौंपे गए हों वे सब उन्होंने अपने बल और बुद्धि से सफलता पूर्वक ...
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हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के मंदिर जाएं और बजरंगबली का कोई भी सरल मंत्र या हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। जटिल प्रयोग नहीं कर सकते हैं तो 5 सबसे सरल उपाय आपके लिए हैं।
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आज 27 अप्रैल 2021 को पवन पुत्र हनुमान जी का जन्मोत्सव है...आइए जानते हैं पूजन के शुभ मुहूर्त,पूजा विधि, चालीसा,मंत्र, आरती और बजरंग बली के जन्म और उनके शौर्य की दिलचस्प कथाएं, पौराणिक तथ्य और भी बहुत कुछ....
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साल 2021 में वर्ष हनुमान जयंती 27 अप्रैल 2021 को मनाई जाएगी। हनुमान जयंती हर वर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है और देश में कुछ स्थानों पर हनुमान जयंती कार्तिक मास में भी मनाई जाती है।
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चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस बार हनुमान जयंती 27 अप्रैल को है। हनुमान जयंती का बहुत ही खास महत्व होता है। वैसे तो हमेशा हनुमानजी अपने भक्तों पर कृपा रखते हैं और संकटों से उबारते हैं। हनुमान जयंती पर भगवान हनुमान की ...
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हनुमान जी ने वानर जाति में जन्म लिया। उनकी माता का नाम अंजना (अंजनी) और उनके पिता वानरराज केशरी हैं। इसी कारण इन्हें आंजनाय और केसरीनंदन आदि नामों से पुकारा जाता है। वहीं दूसरी मान्यता के अनुसार हनुमान जी हनुमान जी के जन्म के पीछे पवन देव का भी ...
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Hanuman ji ki Aarti- आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
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इस बार हनुमान जयंती 27 अप्रैल को है। भगवान शिव के अवतार हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न में हुआ था।
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हनुमानजी के कई नाम है और हर नाम के पीछे कुछ ना कुछ रहस्य है। हनुमानजी के लगभग 108 नाम बताए जाते हैं। वैसे प्रमुख रूप से हनुमानजी के 12 नाम बताए जाते हैं। बलशालियों में सर्वश्रेष्ठ है हनुमानजी। कलिकाल में उन्हीं की भक्ति से भक्त का उद्धार होता है। जो ...
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यदि किसी कारणवश आप श्री बजरंग बाण का नित्य पाठ करने में असमर्थ हो तो प्रत्येक मंगलवार को यह पाठ अवश्य पढ़ना चाहिए। अपने किसी भी इष्ट कार्य की सिद्धि के लिए मंगल अथवा शनिवार का दिन चुन लें।
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श्री हनुमान चालीसा का एक-एक शब्द प्रभावशाली है। प्रतिदिन सुबह और संध्यावंदन के समय पवित्र भावना और शांतिपूर्वक हनुमान चालीसा पढ़ने से हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है, जो हमें हर तरह की होनी-अनहोनी से बचाती है।
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इस बार हनुमान जयंती 27 अप्रैल मंगलवार के दिन है। मान्यता है कि हनुमान जी कलयुग में भी इस पृथ्वी पर विचरण करते हैं।
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