पुरानी फ्रैंचाइजी हैदराबाद के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे दिल्ली के डेविड वॉर्नर

Last Updated: गुरुवार, 5 मई 2022 (14:08 IST)
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को के खिलाफ गुरूवार को ब्रेबोर्न स्टेडियम में होने वाले आईपीएल के 50वें मैच में हर हाल में जीत हासिल करने की जरूरत है जिससे उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें जिन्दा रह सकें। दिल्ली नौ मैचों में चार जीत और आठ अंकों के साथ सातवें और हैदराबाद नौ मैचों में पांच जीत और 10 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। इस मुकाबले में जीत से दिल्ली की उम्मीदें कायम रहेंगी वरना हार के साथ दिल्ली के लिए शेष चार मैच लगातार जीतना जरूरी हो जाएगा। > हेड टू हेड रिकॉर्ड> हेड टू हेड रिकॉर्ड की बात करें तो हैदराबाद का दिल्ली पर पलड़ा भारी है। कुल 20 मैचों में 11 में से हैदराबाद विजयी साबित हुआ और 9 में दिल्ली को जीत मिली है।

कोरोना और नो बॉल विवाद से बाहर निकली दिल्ली की टीम

दिल्ली की टीम के लिये कोविड-19 के मामले आने और ‘नो-बॉल’ विवाद से कुछ हफ्ते काफी मुश्किल रहे। लेकिन कप्तान ऋषभ पंत और उनकी टीम ने इससे बाहर निकलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स पर चार विकेट से जीत दर्ज की। हालांकि इसके बाद टीम को लखनऊ से सिर्फ 6 रनों से हार का सामना करना पड़ा लेकिन लक्ष्य को कैसे पाना है इस पारी में दिल्ली ने दिखाया।डेविड वॉर्नर ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी है लेकिन साथी सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ अच्छी शुरूआत को लंबी पारी में नहीं बदल सके हैं।पंत का फॉर्म में आना फिलहाल टीम के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है।

दिल्ली का मध्यक्रम और पंता की कप्तानी पर सवाल

दिल्ली के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना और छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्यक्रम का चरमराना चिंता का विषय होंगे। टीम ने तीसरे नंबर पर कई बल्लेबाजों को आजमाया जिसमें कप्तान पंत भी शामिल हैं लेकिन अभी तक उसे इस स्थान के लिये उचित खिलाड़ी नहीं मिल सका है।मिचेल मार्श ने पिछले मैच में जरूर इस स्थान पर एक तेज तर्रार पारी खेली थी।

पंत की कप्तानी को लेकर भी कुछ आलोचना हुई जिन्होंने कुलदीप यादव को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ चौथा ओवर गेंदबाजी करने को नहीं दिया जबकि उन्होंने तीन ओवर में 14 रन देकर चार विकेट झटककर शानदार प्रदर्शन किया था।

बल्लेबाजी में दिखने लग गई है हैदराबाद की कमजोरिया

जब तक हैदराबाद लगातार मैच जीत रही थी तब तक उसकी यह कमजोरी छुपी हुई थी। खासकर कप्तान केन विलियमसन की जो 100 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाने में विफल हो रहे हैं। अभिषेक शर्मा पिछले कुछ मैचों में शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए हैं। इसके अलावा त्रिपाठी रंग में नहीं दिख रहे। टीम के लिए खुशखबरी यह है कि निकोलस पूरन फॉर्म में लौट आए हैं।

हैदराबाद की ताकत है गेंदबाजी

चेन्नई के खिलाफ भले ही हैदराबाद विकेट को तरस गई हो लेकिन आज भी हैदराबाद की गेंदबाजी इस आईपीएल की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी क्रम है। लगातार 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने से यह दायें हाथ का तेज गेंदबाज मौजूदा आईपीएल में चर्चा का विषय बना हुआ है। जम्मू के इस गेंदबाज ने अभी तक आठ मैचों में 12 के स्ट्राइक रेट से 15 विकेट झटके हैं।

इसके अलावा टी नटराजन अभी तक 17 विकेट निकाल चुके हैं और सर्वाधिक विकेट लेने वालों की लिस्ट में चौथे स्थान पर है। ऐसे में अगर यानसेन और भुवनेश्वर का साथ मिल जाए तो यह गेंदबाजी क्रम खतरनाक लगने लगता है।

इन खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें

पिछले सीज़न सनराइज़र्स से विदाई के बाद डेविड वॉर्नर पहली बार अपनी पुरानी फ़्रैंचाइज़ी के सामने होंगे। वॉर्नर इस सीज़न में अब तक दिल्ली कैपिटल्स के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने सात मुक़ाबलों में 156.21 के स्ट्राइक रेट से 264 रन बनाए हैं। वह इस सीज़न में ब्रेबोर्न स्टेडियम पर 60 नाबाद और 61 रनों की पारी खेल चुके हैं। वार्नर का मानना है कि उम्मीदों के लिए शीर्ष क्रम के शीर्ष तीन बल्लेबाजों का चलना बहुत जरूरी है।

ब्रेबोर्न स्टेडियम पर खेलते हुए इस सीज़न में तीन मैन ऑफ़ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव द्वारा अब तक लिए गए 17 विकेटों में से नौ विकेट इसी स्टेडियम पर लिए गए हैं। इस दौरान कुलदीप ने 6.42 की किफ़ायती इकॉनमी से रन खर्च किए हैं, जबकि उनका गेंदबाज़ी औसत 8.56 का रहा है। दिल्ली की उम्मीदों के लिए कुलदीप की गेंदबाजी बहुत कारगर साबित होगी।

दिल्ली के शार्दुल ठाकुर के लिए यह सीज़न अब तक किसी रोलर कोस्टर राइड की तरह ही रहा है, लेकिन पिछले मुक़ाबले में उन्होंने 40 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए थे। वह उस मैच में अपनी टीम के लिए विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज़ थे। इस सीज़न में उन्होंने अपने बल्ले से भी 29 और 22 रनों की उपयोगी पारियां खेली हैं। यह दोनों स्कोर उन्होंने महज़ 11 गेंदों में बनाए थे।

कप्तान केन विलियमसन ने बल्लेबाजी में फिर निराश किया। वह 9 पारियों में अब तक 24 की औसत और 99 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 195 रन बना पाए हैं। टीम लगातार जीत रही थी इस कारण उनकी कप्तानी उनकी बल्लेबाजी को छुपा देती थी। लेकिन आगे ऐसे मैच में यह बात उठकर सामने आएगी।

हैदराबाद के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने इस सीज़न में अब तक खेली कुल नौ पारियों में अपने बल्ले से काफ़ी प्रभावित किया है। अभिषेक शर्मा ने 134.43 के स्ट्राइक सेट से 324 रन बनाए हैं। वह इस सीज़न में अब तक सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में संयुक्त रूप से चौथे पायदान पर हैं। स्पिनर्स के ख़िलाफ़ उन्होंने 169.01 के स्ट्राइक रेट से 120 रन बनाए हैं। जबकि स्पिनर्स की गेंदों पर सिर्फ़ तीन बार ही उन्हें पवेलियन की राह पकड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इस सीज़न में उन्होंने कुल छह बार 30 या उससे अधिक का स्कोर खड़ा किया है, जो कि संयुक्त रूप से किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा खेली गई सबसे अधिक पारियां हैं। इस सीज़न में उनका अब तक का रिकॉर्ड बल्लेबाज़ी में निरंतरता को दर्शाता है।

सनराइज़र्स हैदराबाद के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ टी नटराजन इस सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अब तक 12.3 के गेंदबाज़ी स्ट्राइक रेट से 17 विकेट अपने नाम किए हैं। 17 में से आठ विकेट तो उन्होंने डेथ ओवर्स के दौरान अपने नाम किए हैं। इस सीज़न में वह ब्रेबोर्न स्टेडियम पर कुछ मौक़ों पर तीन या उससे अधिक विकेट भी अपने नाम कर चुके हैं।

टीम इस प्रकार हैं :

दिल्ली कैपिटल्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अश्विन हेब्बर, डेविड वार्नर, मनदीप सिंह, पृथ्वी सॉव, रोवमैन पॉवेल, एनरिक नोर्किया, चेतन सकारिया, खलील अहमद, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुस्ताफिजुर रहमान, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, कमलेश नागरकोटी, ललित यादव, मिशेल मार्श, प्रवीण दुबे, रिपल पटेल, सरफराज खान, विक्की ओस्तवाल, यश धुल, केएस भरत और टिम सीफर्ट।

सनराइजर्स हैदराबाद:केन विलियमसन (कप्तान), अभिषेक शर्मा, राहुल त्रिपाठी, एडेन मार्कराम, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, प्रियम गर्ग, विष्णु विनोद, ग्लेन फिलिप्स, आर समर्थ, शशांक सिंह, वाशिंगटन सुंदर, रोमेरियो शेफर्ड, मार्को यानसन, जे सुचित, श्रेयस गोपाल, भुवनेश्वर कुमार, सीन एबॉट, कार्तिक त्यागी, सौरभ तिवारी, फजलहक फारूकी, उमरान मलिक, टी नटराजन।



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