अफगानिस्तान में फंसे भारतीय को बचाने में 'वरदान' बना विदेशी सैन्य अड्‍डा

Last Updated: सोमवार, 23 अगस्त 2021 (23:59 IST)


दुशांबे। की राजधानी दुशांबे में भारत का एकमात्र विदेशी सैन्य अड्‍डा है। हालांकि इसकी बहुत ज्यादा चर्चा नहीं हुई है, लेकिन के दौरान भारतीयों को बचाने के मामले में यह सैन्य अड्‍डा भारत के लिए वरदान साबित हुआ है।

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान पर के कब्जे के बाद फंसे भारतीयों को बचाने के लिए भारतीय वायुसेना लगातार जुटी हुई है। काबुल एयरपोर्ट पर भारी भीड़ के कारण भारतीयों को लेने गए C-17 एयरक्राफ्ट को अपना रास्ता बदलना पड़ा था और फिर यह पहुंचा ताजिकिस्तान के गिस्सार सैन्य एयरोड्रम पर जो विदेश में भारत का इकलौता सैन्य बेस है।
गिस्सार सैन्य एयरबेस राजधानी दुशांबे के पास एक गांव में स्थित है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके विकास में भारत ने 7 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। यहां पर भारत ने 3200 मीटर का आधुनिक रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, नैविगेशन उपकरण और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम बनाया है।

पीओके पर नजर : सबसे खास बात यह है कि भारत यहां से पीओके पर नजर रख सकता है। पीओके से ताजिकिस्तान सिर्फ 20 किलोमीटर दूर है। पाकिस्तान को देखते हुए भारत के लिए भी यह बेस काफी अहम है।



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