‘क्वाड फेलोशिप’ की शुरुआत, 4 देशों के 100 छात्रों को मिलेगा फायदा

Last Updated: मंगलवार, 24 मई 2022 (13:55 IST)
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टोक्यो। क्वाड देशों के नेताओं ने मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत की, जो समूह के 4 सदस्य देशों के अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी पेशेवरों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए तैयार किया गया अपनी तरह का पहला छात्रवृत्ति कार्यक्रम है।

क्वाड फेलोशिप की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने की। इस फेलोशिप कार्यक्रम के तहत हर साल क्वाड समूह के प्रत्येक देश के 25 छात्रों को प्रायोजित किया जाएगा, जो अमेरिका के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (स्टेम) विषयों से जुड़े शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर या डॉक्टरेट की डिग्री के लिए पढ़ाई करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, 'क्वाड फेलोशिप कार्यक्रम एक शानदार एवं अनोखी पहल है। यह प्रतिष्ठित फेलोशिप हमारे छात्रों को विज्ञान, इंजीनियरिंग, गणित और प्रौद्योगिकी विषयों में स्नातकोत्तर व डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने का मौका देगी।'
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will offer our students a great opportunity to pursue graduate and doctorate programs in science, technology, engineering, and mathematics. It will encourage academic excellence and promote people to people linkages between our countries - PM Narendra Modi - Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 24 May 2022
उन्होंने कहा, 'यह फेलोशिप हमारे देशों में लोगों-से-लोगों के बीच के संपर्क और अकादमिक उत्कृष्ठता को बढ़ावा देगा।'
मोदी ने मानवता के बेहतर भविष्य के वास्ते छात्रों को क्वाड फेलोशिप कार्यक्रम के तहत आवेदन करने और स्टेम विशेषज्ञों एवं नवोन्मेषकों की अगली पीढ़ी में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, 'क्वाड फेलोशिप अपनी तरह का पहला छात्रवृति कार्यक्रम है, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित क्षेत्र में भारत ऑस्ट्रेलिया, जापान व अमेरिका की प्रतिभाओं को साथ लाएगा।'
गौरतलब है कि इस फेलोशिप कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष 100 छात्रों को प्रायोजित किया जाएगा, जिसमें क्वाड के चार देशों में प्रत्येक से 25-25 छात्र शामिल होंगे।



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