दिवंगत दानिश सिद्दीकी सहित 4 भारतीय पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित

पुनः संशोधित मंगलवार, 10 मई 2022 (09:25 IST)
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न्यूयॉर्क। दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी सहित 4 भारतीयों को ‘फीचर फोटोग्राफी श्रेणी’ में प्रतिष्ठित पुलित्ज़र पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है।

‘द पुलित्जर प्राइज’ की वेबसाइट के अनुसार, समाचार एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के सिद्दीकी और उनके सहयोगियों अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे को इस पुरस्कार से नवाजा गया है, जिसकी घोषणा सोमवार को की गई। भारत में कोविड-19 से जुड़ी तस्वीरों के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

सिद्दीकी (38) की पिछले साल जुलाई में अफगानिस्तान में हत्या कर दी गई थी। अफगानिस्तान के स्पीन बोल्दक जिले में अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच हिंसक संघर्ष की तस्वीरें लेते समय उनकी हत्या कर दी गई थी।
सिद्दीकी को दूसरी बार से नवाजा गया है। 2018 में भी रॉयटर्स के साथ काम करते हुए उन्हें रोहिंग्या शरणार्थी संकट संबंधी तस्वीरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अफगानिस्तान तथा ईरान में युद्ध, हांगकांग में प्रदर्शन और नेपाल में भूकंप जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं की तस्वीरें ली थीं। सिद्दीकी ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया से परास्नातक की उपाधि प्राप्त की थी।
वहीं, ‘लॉस एंजिलिस टाइम्स’ के मार्कस याम को ‘ब्रेकिंग न्यूज़ फोटोग्राफी श्रेणी’ में पुरस्कार मिला। उन्होंने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के लौटने से लोगों के जीवन पर पड़े असर को दर्शाने वाली तस्वीरें ली थीं।

‘गेटी इमेजेज’ के विन मैकनेमी, ड्रू एंगरर, स्पेंसर प्लैट, सैमुअल कोरम और जॉन चेरी को भी ‘ब्रेकिंग न्यूज फोटोग्राफी श्रेणी’ में पुलित्ज़र पुरस्कार मिला। उन्होंने अमेरिकी संसद पर हमले से जुड़ी तस्वीरें ली थीं।
वर्ष 1912 में कोलंबिया विश्वविद्यालय ने विभिन्न श्रेणियों में पुलित्जर पुरस्कार प्रदान करने की योजना को मंजूरी दी। इसकी स्थापना हंगरी मूल के अमेरिकी फोटो पत्रकार जोसेफ पुलित्ज़र ने की थी। 1917 में पहली बार पुलित्जर पुरस्कार दिए गए थे। (भाषा)




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