UN मुख्यालय में बोले PM मोदी, कुछ देश आतंकवाद का इस्तेमाल राजनीतिक टूल के तौर पर कर रहे हैं

Last Updated: शनिवार, 25 सितम्बर 2021 (20:50 IST)
संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पर परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए कहा कि 'प्रतिगामी सोच' वाले जो देश का 'राजनीतिक औजार' के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अवश्य समझना चाहिए कि उनके लिए भी यह समान रूप से एक बड़ा खतरा है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के पड़ोसी देश अक्सर ही उस पर आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया करने का आरोप लगाते हैं। यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि नियम आधारित विश्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक स्वर में बोलना होगा।

उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के अपनी सैन्य ताकत प्रदर्शित करने की ओर संभवत: इशारा करते हुए यह कहा।
विश्व द्वारा प्रतिगामी सोच के बढ़ते खतरे और चरमपंथ का सामना करने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश आतंकवाद का इस्तेमाल एक राजनीतिक औजार के रूप में कर रहे हैं, उन्हें यह समझना होगा कि आतंकवाद उनके लिए भी समान रूप से एक बड़ा खतरा है।
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मोदी ने कहा, यह सुनिश्चत करना बिल्कुल जरूरी है कि के भू-भाग का इस्तेमाल आतंकवाद का प्रसार करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं हो। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी देश अफगानिस्तान की नाजुक स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश नहीं करे और अपने स्वार्थ के लिए उसका इस्तेमाल नहीं करे। मोदी ने कहा कि महासागर भी एक साझा धरोहर है।

उन्होंने कहा, हमारे महासागर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की जीवन रेखा हैं। हमें विस्तारवाद की होड़ से उसका अवश्य ही संरक्षण करना होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक नियम आधारित विश्व व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक स्वर में बोलना होगा।
मैं ऐसे देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, जिसे लोकतंत्र की जननी कहलाने पर गर्व है :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह एक ऐसे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसे ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में जाना जाता है और भारत के लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित करने के लिए एक रेलवे स्टेशन पर चाय विक्रेता से प्रधानमंत्री बनने तक के अपने सफर का हवाला दिया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने यहां कहा, हमारे यहां लोकतंत्र की एक महान परंपरा रही है, जो हजारों साल पुरानी है। उन्होंने कहा, मैं एक ऐसे देश का प्रतिनिधित्व करता हूं, जिसे लोकतंत्र की जननी के तौर पर जाना जाता है। इस साल 15 अगस्त को भारत अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, हमारी विविधता हमारे मजबूत लोकतंत्र की पहचान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा देश है जहां दर्जनों भाषाएं, सैकड़ों बोलियां, विभिन्न जीवन शैलियां और व्यंजन हैं। यह एक जीवंत लोकतंत्र का सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा, हमारे लोकतंत्र की ताकत इस तथ्य से प्रदर्शित होती है कि एक छोटा लड़का जो कभी रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान पर अपने पिता की मदद करता था, आज भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर चौथी बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर रहा है।

मोदी ने कहा, मैं जल्द ही सरकार के मुखिया के रूप में अपने देशवासियों की सेवा करने के 20 साल पूरा करूंगा। पहले, गुजरात के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री के रूप में और फिर पिछले सात वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की देन है।(भाषा)



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