PM Modi Berlin Visit : रूस और यूक्रेन की जंग में कोई भी देश विजयी नहीं हो सकता है, PM मोदी ने जर्मनी में कहा

Last Updated: सोमवार, 2 मई 2022 (20:35 IST)
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बर्लिन। PM Modi Berlin Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी के चांसलर से की जिसमें दोनों नेताओं ने कारोबार को गति देने और सांस्कृतिक सम्पर्कों सहित द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण आयामों की समीक्षा की तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी यूरोप के तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार को सुबह जर्मनी पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान मोदी डेनमार्क और फ्रांस भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी में कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में कोई भी देश विजयी नहीं हो सकता है। युद्ध को समाप्त करने की अपील करने के साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत शांति का समर्थन करता है

प्रधानमंत्री मोदी की यूरोप यात्रा यूक्रेन संकट के बीच हो रही है जिसको लेकर रूस के खिलाफ लगभग पूरा यूरोप एकजुट है। बर्लिन पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर कार्यालय (चांसलरी) के प्रांगण में पारंपरिक सलामी गारद का निरीक्षण किया । चांसलर ओलाफ शॉल्ज ने यहां प्रधानमंत्री मोदी की आगवानी की।
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& sign the green & sustainable energy partnership at the Federal Chancellery, in Berlin. - Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 2 May 2022
शिष्टमंडल स्तर की वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने चाय पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच छठे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) कार्यक्रम से पहले यह चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि भारत-जर्मनी सहयोग का विस्तार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर ओलाफ शॉल्ज ने बर्लिन में मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी की जर्मनी चांसलर शॉल्ज से यह पहली मुलाकात है जिन्होंने दिसंबर 2021 में पदभार ग्रहण किया है।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच सम्पूर्ण सामरिक गठजोड़ के तहत द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। गौरतलब है कि भारत उन करीब 50 देशों में शामिल था जो अप्रैल महीने में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से रूस को निलंबित करने के प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अनुपस्थित रहा था । यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच, जनवरी के बाद से भारत संयुक्त राष्ट्र में इस मामले पर प्रक्रियागत मतदान के दौरान आठ मौके पर अनुपस्थित रहा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर ओलाफ शॉल्ज के बीच बर्लिन में वार्ता जारी। दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण आयामों की समीक्षा की जिसमें कारोबार को गति देना, सांस्कृतिक सम्पर्क आदि शामिल है।


दोनों नेताओं के बीच सामरिक, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान प्रदान होने की उम्मीद है। इससे पहले दोनों नेताओं की पिछले वर्ष जी20 बैठक में मुलाकात हुई थी, तब शॉल्ज वाइस चांसलर और वित्त मंत्री थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर ओलाफ शॉल्ज के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू । दिसंबर 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद चांसलर ओलाफ शॉल्ज की यह पहली ऐसी बैठक है। हमारे सामरिक गठजोड़ को लेकर उच्च स्तर का आदान प्रदान जारी है।

शिष्टमंडल स्तर की वार्ता में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी हिस्सा लिया। बाद में मोदी और ओलाफ ने छठे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) कार्यक्रम की सह अध्यक्षता की ।
आईजीसी की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह एक विशिष्ट द्विवार्षिक तंत्र है जो दोनों देशों की सरकारों को व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर समन्वय की मंजूरी देता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने दोनों देशों के मंत्रियों के साथ बैठक के चित्र के साथ अपने ट्वीट में कहा कि भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श हमारी मित्रता के विशेष स्वरूप को प्रदर्शित करता है। बर्लिन में प्रधानमंत्री मोदी, चांसलर शॉल्ज तथा भारत एवं जर्मनी के शीर्ष मंत्रियों ने मुलाकात की।

वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह अनोखा द्विवार्षिक वार्ता तंत्र है जिसमें दोनों देशों की सरकारों को द्विपक्षीय मामलों के विविध आयामों पर समन्वय का मौका मिलता है।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि वृद्धि एवं लचीलापन के लिये, आवागमन एवं समृद्धि के लिए, हरित एवं टिकाऊ भविष्य तथा मुक्त एवं शांतिपूर्ण हिन्द प्रशांत के लिए। छठा भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श जारी। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी उपस्थति थे।
बर्लिन के बाद प्रधानमंत्री 3 मई को डेनमार्क जाएंगे जहां वह अपनी समकक्ष मेटे फ्रेडरिक्सन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वहां वह द्वितीय भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी कुछ समय के लिये फ्रांस में रुकेंगे, जहां वह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे।

भारतीय मूल के लोगों ने किया भव्य स्वागत : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमवार को जर्मनी की राजधानी पहुंचने पर भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया और बर्लिन के मशहूर ब्रैंडेनबर्ग गेट पर भारत के रंग तथा विविधता का प्रदर्शन हुआ। मोदी तीन देशों की अपनी यूरोप यात्रा के पहले चरण में जर्मनी पहुंचे। वे डेनमार्क और फ्रांस का दौरा भी करेंगे।
नौ गज की पारंपरिक पैठानी साड़ियों में महाराष्ट्र की महिलाओं ने मोदी के स्वागत के लिए ब्रैंडेनबर्ग गेट पर ‘लेजिम’ नृत्य किया। पुणे स्थित रमणबाग की एक 'ढोल-ताशा' मंडली ने पारंपरिक ढोल बजाया। इस मौके पर एक व्यक्ति छत्रपति शिवाजी के वेश में समारोह में शामिल हुआ।

प्रधानमंत्री ने यहां पहुंचने के बाद ट्वीट किया, "बर्लिन में अल सुबह होने के बाद भी भारतीय समुदाय के कई लोग आए। उनके साथ जुड़ना अद्भुत रहा। भारत को अपने प्रवासी लोगों की उपलब्धियों पर गर्व है।

प्रवासी भारतीयों ने ब्रैंडेनबर्ग गेट पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की कुछ तस्वीरों के साथ ट्वीट किया, "बर्लिन के मशहूर ब्रैंडेनबर्ग गेट पर भारत के रंग और विविधता का प्रदर्शन। पीएमओ ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि
ब्रैंडेनबर्ग गेट पर भारत का रंग! एक नज़र डालिए...।
होटल एडलॉन केम्पिंस्की में सुबह चार बजे से प्रधानमंत्री की प्रतीक्षा कर रहे भारतीय लोगों ने उन्हें देखकर "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के नारे लगाए। वहां एकत्र लोगों में बच्चे भी शामिल थे। मोदी ने भारतीय मूल के एक लड़के आशुतोष की सराहना की, जिसने देशभक्ति का एक गीत गाया। उन्होंने आशुतोष से कहा, "शाबाश।’’

मान्या मिश्रा नाम की एक बच्ची ने प्रधानमंत्री को एक पेंटिंग भेंट की। उन्होंने मान्या के साथ तस्वीर खिंचवाई और पेंटिग पर हस्ताक्षर भी किए। मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलना शानदार अनुभव रहा और उन्होंने उस पेंटिंग पर हस्ताक्षर भी किए। भारतीय समुदाय के लोग प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर काफी उत्साहित थे।
एक व्यक्ति ने कहा कि हम यहां सुबह चार बजे पहुंचे।" एक अन्य व्यक्ति ने कहा, "उन्होंने पिछले आठ वर्षों में देश के लिए बहुत कुछ किया है। यहां उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर बहुत उत्साहित हूं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जर्मनी में लगभग 2.03 लाख भारतीय पासपोर्ट धारक हैं। प्रवासी भारतीय नागरिकों में मुख्य रूप से पेशेवर, शोधकर्ता और वैज्ञानिक, कारोबारी नर्स और छात्र शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में आईटी, बैंकिंग, वित्त आदि के क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।



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