UN में स्थायी सदस्‍यता के लिए मोदी ने की वकालत

संयुक्त राष्ट्र| पुनः संशोधित सोमवार, 29 सितम्बर 2014 (18:09 IST)
संयुक्त राष्ट्र। में भारत को स्थायी सदस्यता की जोरदार वकालत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि इस वैश्विक संगठन को और अधिक लोकतांत्रिक एवं भागीदारीपूर्ण बनाने की आवश्यकता है।
मोदी ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोई एक देश या  देशों का समूह विश्व की दिशा तय नहीं कर सकता है। इसके लिए वास्तविक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी होनी चाहिए। यह केवल एक नैतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक वास्तविकता है।
 
20वीं सदी की अनिवार्यताओं को प्रतिबिंबित करने वाली संस्था 21वीं सदी के लिए प्रभावी नहीं होगी। इससे यह अप्रासंगिक होने का खतरा मोल लेगी।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र का सुधार करना होगा। संयुक्त राष्ट्र  अगले साल अपनी 70वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है जिसका भारत संस्थापक सदस्य है, यह उचित  होगा कि 2015 तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जरूरी सुधार कर लिया जाए। 
 
भारत संयुक्त राष्ट्र  सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता चाहता है और कई देश उसकी इस दावेदारी का समर्थन कर रहे हैं। मोदी ने संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में योगदान करने वाले देशों को उससे संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी शामिल किए जाने की मांग की।
 
उन्होंने कहा कि हमें देशों के बीच वास्तविक बातचीत और साझेदारी की जरूरत है। मैं यह बात उस  दर्शन एवं परंपरा के अनुरूप कह रहा हूं, जहां से मैं आया हूं... हमारे प्रयास यहां से शुरू होने चाहिए... संयुक्त राष्ट्र से। (भाषा) 



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