आत्मघाती हमलों में बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकी

संयुक्त राष्ट्र| Last Updated: बुधवार, 13 अप्रैल 2016 (10:42 IST)
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संयुक्त राष्ट्र। के अनुसार अफ्रीकी देशों में होने वाले प्रत्येक पांच आत्मघाती हमलों में से कम से कम एक में बच्चों को बम के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। पिछले साल आतंकवादी संगठन की ओर से किए गए हर पांच आत्मघाती हमलों में से एक में बच्चे शामिल थे।
 
 
कैमरून, नाइजीरिया और चाड में इस्लामी चरमपंथी संगठन की ओर से किए गए हमलों में से कम से कम तीन चौथाई में वैसी लड़कियों का इस्तेमाल हुआ था जिन्हें नशा देकर आत्मघाती हमलों के लिए भेजा गया था।
 
वर्ष 2014 में इस तरह के हमलों की संख्या चार थी जबकि 2015 में इसकी संख्या 44 पर पहुंच गई। अफ्रीका में पिछले सात सालों से जारी गृह युद्ध में अब तक कम से कम सत्रह हजार लोगों की मौत हो चुकी है।
 
बच्चों के लिए काम करने वाली संरा की संस्था यूनिसेफ ने कहा है कि  कैमरून, चाड, नाइजीरिया और नाइजर में 13 लाख बच्चे बेघर हो गए हैं।
नाइजीरिया में पिछले साल बोको हराम ने दो सौ लड़कियों को एक आवासीय स्कूल से अपहरण कर लिया था। अपह्त लड़कियों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
 
यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़कों से कहा जाता है कि बोको हराम के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के लिए वह अपने परिवार पर हमला करें जबकि लड़कियों को जबरन यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया जाता है और उन सबका विवाह लड़ाकों से कर दी जाती है।
 
जिन लड़कियों को आत्मघाती हमलों के लिए भेजा जाता है उन्हें नशे की दवा दे जाती है और फिर उनके शरीर पर विस्फोटक बांध दिया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार कैमरून में बच्चों के आत्मघाती हमलों की संख्या सबसे अधिक है, जिनमें आठ साल के उम्र तक के बच्चे शामिल हैं। बोको हराम पश्चिमी शिक्षा के खिलाफ है इसलिए वह स्कूलों पर हमला करता है।
 
यूनिसेफ के अनुसार अफ्रीकी देशों में अठारह सौ से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं। इन स्कूलों में तोड़फोड़ की गई है और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया है।
 
 
वहीं कुछ स्कूलों को उत्तर-पूर्व नाइजीरिया और कैमरून में विस्थापित लोगों के राहत शिविर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
 
पिछले पंद्रह महीनों के दौरान बोको हराम के लड़ाकों से कई इलाकों को छुड़ा लिया गया है। माना जाता है कि बोको हराम का मुख्य ठिकाना नाइजीरिया के सांबिसा के जंगलों में है। (वार्ता)
 



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