2 सितंबर: नारियल दिवस क्यों मनाया जाता है, जानिए नारियल के बारे में 10 रोचक बातें

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अनिरुद्ध जोशी|
नारियल की खेती के प्रति जागरूकता और नारियल के महत्व को समझने और समझाने के लिए प्रतिवर्ष 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस ( World Coconut Day ) मनाया जाता है। 2 सितंबर 2009 को एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (APCC) का गठन किया गया था। नारियल के कई औषधीय गुण भी है। आओ जानते हैं नारियल से जुड़ी रोज बातें।


1. भूख के साथ प्यसा भी बुझाता है नारियल : नारियल एक ऐसा फल है जिसे खाकर आप भूख मिटा सकते हैं, पीकर आप प्यास मिटा सकते हैं।

2. छाल के हैं कई उपयोग : नारियल से की छाल से ही मजबूत रस्सी बना सकते हैं। या जटा को गद्दों में भी भरा जाता है। छाल से ब्रश और थैले भी बनाए जा सकते हैं। नारियल की छाल या जटा से खस की टाट जैसी टाट भी बनाकर गर्मी से बचने के लिए दरवाजे या खिड़कियों में पर्दे की तरह लगा सकते हैं।
3. बनती है झोपड़ी : नारियल की लकड़ी, छाल और फल की खोल को मिलाकर झोपड़ी भी बनाई जा सकती है।

4. बना सकते हैं : नारियल की लकड़ी से आप चाहे तो फर्निचर भी बना सकते हो।

5. बनती है चटाई, पंखे, टोकरी : इसके पत्तों से से पंखे, टोकरियां और चटाइयां भी बनाई जा सकती हैं।
6. बनते हैं बर्तन : इससे घरों के पाट अर्थात बर्तन भी बनाए जाते हैं।

7. जलाकर पकता है खाना : नारियल की छा, पत्ते आदि को जलाकर आप खाना भी पका सकते हो और इसे जलाकर उजाला कर सकते हैं। इसे जलाकर इसका धुआं करके मच्‍छर भी भगाए जाते हैं।

8. बनता है तेल : नारियल से खासकर तेल बनाया जाता है जो पूरे विश्‍व में अन्य तेलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा बिकता है। इस तेल के कई उपयोग होते हैं।
9. नारियल की कलाकृतियां : नारियल की गुड़िया, गणेशजी, लेंप, पानदान, सुंदर कलश, जहाज, नाव, फूल, की चैन
आदि कई कलाकृतियां बनाई जा सकती हैं। नारियल दिवस के दिन नारियल से बनी विभिन्न तरह की वस्तुओं की प्रदर्शनियां लगाई जाती हैं।

10. नारियल से ब्लड ग्रुप : छत्तीसगढ़ के रायपुर में कृषि विभाग में कार्यरत बीडी गुहा ने आश्चर्यजनक रूप से नारियल से ब्लड ग्रुप पहचानने की तकनीक ईजाद की है। गुहा किसी भी व्यक्ति को बिना छुए महज 10 सेकंड में ब्लड ग्रुप बता देते हैं। गुहा का दावा है कि वे इससे (14) भरा और खाली सिलेंडर, (15) जमीन के अंदर का पानी, (16) भूमिगत सुरंगों की भी पहचान कर सकते हैं। प्राचीनकाल में लोग ऐसा करते भी थे।

भारतीय धर्म और संस्कृति में नारियल का बहुत महत्व है। नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है। मंदिर में नारियल फोड़ना या चढ़ाने का रिवाज है। दक्षिण भारत में नारियल के पेड़ बहुतायत में पाए जाते हैं। 60 फुट से 100 फुट तक ऊंचा नारियल का पेड़ लगभग 80 वर्षों तक जीवित रहता है। 15 वर्षों के बाद पेड़ में फल लगते हैं। नारियल के पेड़ फाल का प्रत्येक भाग काम में आता है। आओ जानते हैं इसके बारे में अद्भुत जानकारी।



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