नन्‍हें बच्‍चों ने बादलों में किया फिश आसन व बोट आसन, सीखा कैसे रहना है ‘फिट और एनर्जेटिक’

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पुनः संशोधित रविवार, 29 मई 2022 (14:00 IST)
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विश्व योग दिवस 21 जून को है परंतु इंदौर में योग प्रशिक्षण गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी है और इस महाअभियान में बच्चे भी पीछे नहीं हैं...

4 से 14 की आयु के बच्चों ने आज प्रातः बादलों के मध्य रालामंडल पहाड़ी के शिकारगाह भवन के आंगन में तेज हवा के मध्य योगाभ्यास किया।

शुभ सिटी रहवासी संघ पालदा इंदौर के नर्सरी से कक्षा 9 में शिक्षारत बच्चों के इस अभियान में उत्साह चरम पर था जो रालामंडल अभयारण्य के प्रवेश द्वार से 2.5 किलोमीटर की चढ़ाई पर स्थित शिकारगाह के आंगन तक हंसते खेलते खेलते चढ़ते चले गए।
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योग प्रशिक्षक ज्यौति भदोरिया के निर्देशन में आयोजित इस नवाचार में विभिन्न योग आसनों का समुचित मंत्रोच्चार के साथ अभ्यास किया गया जिसमें सूर्य नमस्कार के साथ-साथ वृक्षासन, नौकासन, वज्रासन, पद्मासन, मत्स्यासन, सर्वांगासन, भुजंगासन, मार्जरी आसन सम्मिलित हैं।

अभिनव प्रयोग करते हुए प्रशिक्षिका ने बच्चों को क्लिष्ट हिंदी नामों के स्थान पर आसान फिश- आसन, बोट-आसन जैसे शब्दों से आसनों को आसानी से याद कराया।

योग यात्रा के माध्यम से बच्चों का प्रकृति से जीवन साक्षात्कार कराने के उद्देश्य से यह प्रयोग किया गया है, जिसमें योग प्रशिक्षण के साथ-साथ सूर्योदय दर्शन, पक्षी दर्शन, वायु स्पर्श की अनुभूति, थकने-जीतने, हारने- दौड़ने आदि के विभिन्न आयामों से अभूतपूर्व परिचय कराया गया। पसीने का स्वाद और उसके पश्चात कंठ सूखने पर जलपान का बच्चों को अनुपम अनुभव रहा है।
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योग प्रशिक्षक ज्यौति भदौरिया ने बताया कि छोटे बच्चों को योग का परिचय अनिवार्य रूप से कराना समाज का दायित्व है। तभी बच्चे स्वस्थ रहेंगे और जीवन के विभिन्न आयामों में समभाव रख सकेंगे। इसलिए ही योग प्रशिक्षण का यह 15 दिवसीय शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर का समापन 31 मई को होगा, जिसमें बच्चों को पर्यावरण की शिक्षा एवं नैतिक जिम्मेदारी देने के लिए एक-एक पौधे का उत्तरदायित्व दिया जाएगा कि वह इस पौधे से प्रेम कर उसका पालन- पोषण करें और बड़ा करें।



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