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श्राद्ध में पितृ भोग के समय अग्नि का भाग देना क्यों जरूरी, पढ़ें कथा

रविवार,सितम्बर 26, 2021
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गजलक्ष्मी व्रत के दिन हाथी की पूजा और महालक्ष्मी के गजलक्ष्मी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस साल यह व्रत मत-मतांतर से 28 और 29 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस व्रत में मिट्टी के गज बनाए जाते हैं।
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कहते हैं कि यदि कर्ज नहीं उतर पा रहा है तो बारिश का पानी एक बाल्टी में एकत्रित कर लें और उसमें दूध डालकर भगवान स्मरण करके पूरे माह में इसी तरह स्नान कर लें। ऐसा करने से धीरे-धीरे आपका कर्ज उतरने लगेगा।
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पौराणिक गाथाओं के अनुसार भगीरथी नदी गंगा की उस शाखा को कहते हैं, जो गढ़वाल (उत्तरप्रदेश) में गंगोत्री से निकलकर देवप्रयाग में अलकनंदा में मिल जाती है व गंगा का नाम प्राप्त करती है।
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आओ जानते हैं कि गंगाजल की पवित्रता की 10 महत्वपूर्ण बातें।
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नर्मदा की प्रेम-कथा लोकगीतों और लोककथाओं में अलग-अलग मिलती है लेकिन हर कथा का अंत कमोबेश वही कि शोणभद्र के नर्मदा की दासी जुहिला के साथ संबंधों के चलते नर्मदा ने अपना मुंह मोड़ लिया और उलटी दिशा में चल पड़ीं। सत्य और कथ्य का मिलन देखिए कि नर्मदा नदी ...
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वैसे तीर्थराज तो प्रयाग है लेकिन संपूर्ण भारत में महाकाल की नगरी उज्जैन को सब तीर्थों में श्रेष्ठ माना जाता है जिसके कई कारण है। पहला यह कि यहां जितने प्रमुख और महत्वपूर्ण स्थान है उतने किसी तीर्थ क्षेत्र में नहीं। आओ जानते हैं उन्हीं में से 10 ...
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13 सितंबर 2021 से भाद्रपद मास में आने वाला 16 दिनों का महालक्ष्मी व्रत जारी है। इन खास दिनों में धन-वैभव देने वाली देवी माता महालक्ष्मी की विधि-विधिपूर्वक पूजन किया जाएगा तथा
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महालक्ष्मी व्रत के दिनों में या किसी भी खास अवसर पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जप करने से वैभव, कीर्ति, ऐश्वर्य, धन-धान्य, सुख-संपत्ति, सौभाग्य और आरोग्य और सम्मान की प्राप्ति होती है।
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एक बार महालक्ष्मी का पर्व आया। हस्तिनापुर में गांधारी ने नगर की सभी स्त्रियों को पूजा का निमंत्रण दिया परन्तु कुन्ती से नहीं कहा।
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अगर घर में चींटियां निकल रही हैं तो यह आपके जीवन में होने वाली किसी बात को लेकर संकेत है।
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 20 सितंबर 2021, सोमवार (Pitru Paksha 2021 Start Date) को आरंभ होंगे जिसका समापन 6 अक्टूबर 2021, बुधवार को ...
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यदि घर में दिन-प्रतिदिन कलह बढ़ रहा हो। हर काम में बाधा आ रही हो। तो निश्चय ही जानना चाहिए कि घर अशुद्ध है। इन समस्याओं का निपटारा हो सकता है। प्रस्तुत है घर को पवित्र और शुद्ध रखने का यह पौराणिक उपाय ....
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केदारनाथ। उत्तराखंड के केदारनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में स्थित वासुकीताल कुंड ( Neelkamal in Vasuki Tal Kedarnath Uttarakhand Miracle ) से लेकर करीब 3 किमी क्षेत्र में कई सालों बाद नीलकमल के फूल खिले हैं। इस फूल का खिलना एक चमत्कार ही है क्योंकि यह अति ...
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किसी भी खास अवसर पर श्री गणेश के इन नामों का पढ़ने अथवा जपने से जीवन के संकट दूर होकर मनुष्य को यश, सुख और सम्मान की प्राप्ति होती है। श्री गणेश ने अलग-अलग युगों में अलग-अलग अवतार लेकर संसार के संकट का नाश किया।
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शुक्रवार को माता लक्ष्मी, माता कालिका और शुक्राचार्य का वार माना जाता है। शुक्रवार का ग्रह है शुक्र ग्रह। शुक्रवार का व्रत रखने और माता लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होकर धन समृद्धि और ऐश्वर्य बढ़ता है। आओ जानते हैं कि शुक्रवार को माता ...
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इस वर्ष 24 सितंबर 2021, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। इस दिन श्रीकृष्ण तथा बाणासुर की यह कथा पढ़ी जाती है। आइए पढ़ें-
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शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी और माता कालिका के साथ ही संतोषी माता की उपासना भी की जाती है। इस दिन खटाई नहीं खाते हैं और माता का व्रत रखते हैं। माता संतोषी का व्रत रखने और उनकी कथा सुनने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। अविवाहितों के विवाह हो ...
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जो स्त्री-पुरुष शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत करते हैं, उनके लिए व्रत-विधि इस प्रकार है
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मां संतोषी को प्रिय शुक्रवार के दिन विधि-विधान से पूजन, विधि, कथा सुनने तथा आरती आदि करने से जीवन में लाभदायी परिणाम प्राप्त होते है।
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