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लखनऊ क्या पहले था लक्ष्मणपुर, जानिए क्या कहते हैं पौराणिक प्रमाण

मंगलवार,मई 17, 2022
Lucknow
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मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक तहसील है-भानपुरा। यहां महाराजा यशवंत राव होल्कर की समाधि है जिसे भानपुरा की छत्री के नाम से जाना जाता है। यह पहले होल्कर ट्रस्ट के आधीन थी पर 2013 से पुरातत्व विभाग के द्वारा अधिकृत कर ली गई। इसे एक संग्रहालय में ...
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मंदसौर का यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय आज अपना संरक्षण मांग रहा है। इस 25 वर्ष पुराने संग्रहालय की हालत ऐसी है कि संग्रहालय का नाम ही क्षत-विक्षत अवस्था में दिखता है। संग्रहालय की स्थिति भी दयनीय दिखती है और मेंटनेंस नहीं दिखता है।
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दरअसल भारत के स्वतंत्र होने के पश्चात, सन 1950 में भाषावार प्रान्तों के गठन के दौरान अपने जन्म से ही मध्य प्रदेश, विषमरूपी एकत्रीकरण/ हेटेरोजीनस असेम्बलेज से बना प्रदेश है।
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History of Vishnu dhruv stambha Qutub Minar : कुतुब मीनार को ध्रुव स्तंभ या विष्णु स्तंभ कहे जाने की बात एक बार फिर उठी है। हिन्दू इतिहास के जानकार कहते हैं कि पहले यह एक वैधशाला थी जहां पर से खगोलीय घटनाओं को देखकर दर्ज किया जाता था। 2.5 मीटर ऊँची ...
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Tajmahal 22 rooms: हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक याचिका दायर कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को ताजमहल के 22 बंद कमरों की जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं हिन्दू देवताओं की मूर्तियों तो नहीं ...
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The Great Maharana Pratap: वर्षों से महाराणा प्रताप की महानता को दबाया गया है। उनके सामने तुर्क विदेशी सम्राट अकबर को महान बताया जाता रहा है, जबकि अकबर एक क्रूर शासक था और जिसमें महानता के जरा भी गुण नहीं थे। अकबर भारत के कई राजाओं से युद्ध हारा था। ...
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महाराणा प्रताप उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उनके कुल देवता एकलिंग महादेव हैं। मेवाड़ के राणाओं के आराध्यदेव एकलिंग महादेव का मेवाड़ के इतिहास में बहुत महत्व है।
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यशोधर्मन पुरातत्व संग्रहालय की बदहाली पर प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद पड़ताल को आगे बढ़ाया गया। प्राप्त तथ्यों और जानकारियों के आधार पर हमने इस विषय का एक और पक्ष देखा। असल में ये मूर्तियां आसपास के गांवों के निवासी यहां छोड़ जाते हैं। मंदसौर और नीमच के ...
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सिर के पहनावे को कपालिका, शिरस्त्राण, शिरावस्त्र या शिरोवेष कहते हैं। यह कपालिका कई प्रकार की होती है। प्रत्येक प्रांत में यह अलग-अलग किस्म, नाम, रंग और रूप में होती है। राजा-महाराजाओं के तो एक से एक स्टाइल के टोप, पगड़ी या मुकुट हुआ करते थे लेकिन ...
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History of rana sanga in hindi: 12 अप्रैल 1482 को मेवाड़ के चित्तौड़ में जन्मे महाराणा संग्रामसिंह ऊर्फ राणा सांगा की 30 जनवरी 1528 को मृत्यु हुई थी। राणा कुम्भा के पोत्र और राणा रायमल के पुत्र राणा सांगा अपने पिता के बाद सन् 1509 में मेवाड़ के ...
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भारत का इतिहास बहुत ही वृहत्तर है। यह आरोप है कि भारत के इतिहास को लेकर पूर्व के इतिहासकारों में मतभेद का कारण मत भिन्नता है या उनका किसी विशेष विचारधारा से जुड़ा होना रहा है और साथ ही इतिहास के तथ्‍यों का प्रमाणों के साथ अपडेट करने की जरूरत भी होती ...
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देश के पहले वर्ल्ड क्लास हबीबगंज स्टेशन का नाम अब रानी कमलापति स्टेशन होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने इस स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति के नाम पर रखने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा था जिसे मंजूर कर लिया गया और इसका लोकार्पण 15 नवंबर को प्रधानमंत्री ...
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कन्नौज के महान सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर फिलहाल विवाद चल रहा है, लेकिन जानकार करते हैं सूर्यवंशी, चंद्रवंशी, अग्निवंशी, ऋषिवंशी, नागवंशी, भौमवंशी आदि वंशों में बंटा हुआ है छत्रिय वंश। जहां तक गुर्जर समुदाय की बात हैं वे सभी सूर्यवंशी हैं। ...
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प्रति वर्ष 31 अगस्त को भारत में विमुक्ति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस घुमंतू जातियों या घुमक्कड़ जातियों के बराबरी का दर्जा दिलाने और सामाजिक न्याय के लिए मनाया जाता है। आओ जानते हैं कि क्यों मनाया जाता है यह दिवस और कौन है घुमंतू।
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उत्तराधिकार के संघर्ष में दाराशिकोह के भाई औरंगज़ेब ने उसकी हत्या कर दी। उस समय दारा की उम्र 44 साल थी....
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जहांगीर का वास्तविक नाम सलीम था, जिसे बाद में जहांगीर की उपाधि दी गई थी। उसका पूरा नाम मिर्जा नूर-उद-दीन बेग मोहम्मद खान सलीम था। उसके पिता का नाम अकबर और माता का नाम मरियम था। 30 अगस्त ( मतांतर से 31 अगस्त) 1569 को फतेहपुर सीकरी में उसका जन्म हुआ ...
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छोटे कंकड़ की तरह दिखने वाले हींग की गंध तेज़ होती है और इसकी बहुत थोड़ी सी मात्रा भी खाने का स्वाद बदल देती है। हींग कहां से आई है इस पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ी हुई है। आओ जानते हैं कि सचाई क्या है।
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तेलंगाना के 13वीं सदी के रामप्पा मंदिर को यूनेस्को की ओर से वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिलने के बाद अब भारत की एक और धरोहर को सम्मान मिला है। मंगलवार को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज कमिटी के 44वें सेशन में धोलावीरा को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का टैग दिए ...
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मध्यकालिन भारत की शुरुआत सम्राट हर्षवर्धन (590-647) से होती है। हर्षवर्धन का दक्षिण भारत के सम्राट पुलकेशी द्वितीय (शासनकाल 609-642) से हुआ था। इसी काल में कश्मीर में बहुत ही शक्तिशाली सम्राट ललितादित्‍य (सन् 697 से सन् 738) का राज्य भी रहा था। इसी ...
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मध्यकालिन भारत की शुरुआत सम्राट हर्षवर्धन (590-647) से होती है। हर्षवर्धन का दक्षिण भारत के सम्राट पुलकेशी द्वितीय (शासनकाल 609-642) से हुआ था। इसी काल में कश्मीर में बहुत ही शक्तिशाली सम्राट ललितादित्‍य (सन् 697 से सन् 738) का राज्य भी रहा था। इसी ...
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मध्यकालीन भारत की सीरिज में हमने जाना की पश्चिम में राजा दाहिर तो उत्तर भारत में जहां सम्राट हर्षवर्धन का साम्राज्य था वहीं दक्षिण भारत में चालुक्य वंश के पुलकेशिन द्वितीय का दबदबा था। परंतु पल्लवशंव के राजाओं से चालुक्यवंशी राजाओं की टक्कर होती ...
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मध्यकालीन भारत की सीरिज में हमने जाना की उत्तर भारत में जहां सम्राट हर्षवर्धन का साम्राज्य था वहीं दक्षिण भारत में चालुक्य वंश के पुलकेशिन द्वितीय का दबदबा था। परंतु पल्लवशंव के राजाओं से चालुक्यवंशी राजाओं की टक्कर होती रहती थी। आओ जानते हैं ...
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कश्मीर में लोहरवंशी की एक रानी थी जिसे लोग लंगड़ी और चुडैंल रानी कहते थे, परंतु वह बहुत ही बहादुर और सुंदर थी। उसके चर्चे संपूर्ण भारत में थे। प्राचीन संस्कृत कवि कल्हण ने कश्मीर के इतिहास की सबसे शक्तिशाली महिला शासक दिद्दा का उल्लेख किया है। आखिर ...
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Mahmud Ghaznavi, Muhammad bin Qasim, Raja Dahir, History of India, Medieval History of India, Medieval Period, Islamic Invasion of India, महमूद गज़नवी, मुहम्मद बिन कासिम, राजा दाहिर, भारत का इतिहास, भारत का मध्यकालीन इतिहास, मध्यकाल, भाररत पर ...
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गुप्त वंश के पतन के बाद मध्यकाल की शुरुआत होती है। उत्तर भारत में राजा हर्षवर्धन (590-647) सबसे शक्तिशाली राजा थे तो दक्षिण भारत में चालुक्य वंश के सबसे बड़े राजा पुलकेशी द्वितीय थे। बाकी छोटे-छोटे स्वतंत्र लेकिन शक्तिशाली राज्य भी थे। जैसे आज का ...
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भारतीय राजनीतिक इतिहास को मुख्यत: 4 भागों में बांट सकते हैं- प्राचीन, मध्य, आधुनिक और वर्तमान। प्राचीन काल में हम वैदिक काल, रामायण काल, महाभारत का काल, सिंधुघाटी का काल, मौर्य साम्राज्य, विक्रमादित्य साम्राज्य, गुप्त वंश को लेते हैं। गुप्त वंश के ...
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शक, कुषाण और हूणों के पतन के बाद भारत का पश्‍चिमी छोर कमजोर पड़ गया, तब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कुछ हिस्से फारस साम्राज्य के अधीन थे तो बाकी भारतीय राजाओं के, जबकि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र सत्ता थी। 7वीं सदी की शुरुआत के दौरान भारत के अफगानिस्तान ...
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उत्तर प्रदेश के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार, 16 फरवरी 2021 को राजा सुहेलदेव की जयंती के मौके पर उनके भव्य स्मारक का बहराइच में वर्चुअल शिलान्यास किया था। वहां एक संग्रहालय भी बनेगा, ...
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विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.)। 'विजयनगर' का अर्थ होता है 'जीत का शहर'। मध्ययुग के इस शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के बाद से ही इस पर लगातार आक्रमण हुए लेकिन इस साम्राज्य के राजाओं से इसका कड़ा जवाब दिया। यह साम्राज्य कभी ...
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बाजीराव घुड़सवारी करते हुए लड़ने में सबसे माहिर थे और यह माना जाता है कि उनसे अच्छा घुड़सवार सैनिक भारत में आज तक देखा नहीं गया। उनके 4 घोड़े थे- नीला, गंगा, सारंगा और औलख। उनकी देखभाल वे स्वयं करते थे। बाजीराव 6 फुट ऊंचे थे, उनके हाथ भी लंबे थे। ...
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राजा कृष्ण देवराय के पूर्वजों ने एक महान साम्राज्य की नींव रखी जिसे विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.) कहा गया। देवराय ने इसे विस्तार दिया और मृत्यु पर्यंत तक अक्षुण बनाए रखा। विजयनगर साम्राज्य की स्थापना इतिहास की एक कालजयी घटना है। ...
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सम्राट चन्द्रगुप्त महान थे। उन्हें चन्द्रगुप्त महान कहा जाता है। सिकंदर के काल में हुए चन्द्रगुप्त ने सिकंदर के सेनापति सेल्युकस को दो बार बंधक बनाकर छोड़ दिया था। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु चाणक्य थे। चन्द्रगुप्त ने अपने पुत्र बिंदुसार को ...
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