उदयपुर शहर का इतिहास, संस्कृति और खानपान, 10 देखने लायक जगहें

अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: शुक्रवार, 5 अगस्त 2022 (19:44 IST)
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Rajasthan Tourist Places : राजस्थान वीरों की भूमि है। यहां पर क3 ऐतिहासिक इमारतें, किले और झीलें हैं। राजस्थानी संस्कृति के आकर्षण के चलते यहां दिनोंदिन पर्यटकों की संख्‍या बढ़ती जा रही है। यहां के प्रमुख शहरों में उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, पुष्कर, माउंट आबू, बीकानेर और सवाई माधोपुर आदि है। आओ जानते हैं उदयपुर के संबंध में जानकारी।

उदयपुर शहर का इतिहास : उदयपुर का प्रारंभिक इतिहास सिसोदिया राजवंश से जुड़ा है। इस शहर क महाराणा उदयसिंह ने 1558 में स्थापित किया था। उदयपुर से 50 किलोमीटर दूर हल्दी घाटी है जहां से ही इसके इतिहास का संबंध है। राजा उदयसिंह के सुपुत्र महाराणा प्रताप बेहद साहसी और शूरवीर थे। उदयपुर शहर सिसोदिया राजवंश द्वारा ‌शासित मेवाड़ की राजधानी रहा है। इस शहर की स्थापना से 5 हजार वर्ष पूर्व आयड़ नदी के किनारे प्राचीन सभ्यता मौजूद थी। विभिन्न उत्खनन से इस बात का पता चलता है।


उदयपुर की संस्कृति और खानपान : उदयपुर की संस्कृति और लोकपरंपरा के कारण ही दूर दूर से पर्यटक लोग खिंचे चले आते हैं। यहां का खानपान और पहनावा बहुत ही सुंदर है। रंग बिरंगे परिधान, ऊंट की राजसी सवारी, प्राचीन लोक परंपराएं और समृद्ध हस्तशिल्प यहां की पहचान है। शहर ने बड़े शहरों की जीवन शैली को अपनाया है लेकिन आज भी यहां पर भील और बंजारा जनजाति एवं संस्कृति को अपनाए हुए लोग मिल जाएंगे। आज भी रजत गहने के भार के साथ सामान्य राजस्थानी पोशाक में कपड़े पहने लोगों को देख सकते हैं। रंगीन त्योहार और मेले उदयपुर की सांस्कृतिक की समृद्धि को दर्शाते हैं। भवई, घूमर, कछी घोड़ी, कालबेलिया और तेरहताली के साथ ही दांडी गेयर का नृत्य भी प्रचलित है। मोरचांद, नाद, तनपुरा, सारंगी और कई अन्य उपकरणों के मधुर संगीत से सुकून मिलता है। यहां पर लोककला संग्रहालय है जो लोककला, चित्रों, संगीत वाद्ययंत्र, कठपुतलियों, गुड़िया, गहने, मास्क, और लोक कपड़े के एक संग्रह को दर्शाता है।

यहां पर सभी तरह का खानपान पसंद किया जाता है। हालांकि यहां पर शाकाहारी व्यंजन अधिक प्रचलित है क्योंकि यहां जैन और वैष्णववाद प्रभुत्व रखता है। यहां पर खाना कई सब्जियों और मसूर से बना होता है। यहां सभी तरह के मसालों का उपयोग किया जाता है। आप मसूर से लेकर दही तक के प्रकार के करी मिल सकते हैं। ‘ओक्रा’ और ‘संगरी’ की किस्म के नाम से सूखे आम को कई भोजन मिलते हैं। दीप-तली हुई ब्रेड और मिर्च बहुत प्रयोग होता है।
देखने लायक 10 जगहें:
उदयपुर में भी आप कभी भी जा सकते हैं। यहां आप झीलों का मजा ले सकते हैं। यहां की हवेलियों और महलों की भव्यता को देखकर दुनिया भर के पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। शानदार बाग-बगीचे, झीलें, संगमरमर के महल, हवेलियां आदि इस शहर की शान में चार चांद लगाते हैं। अरावली की पहाड़ियों से घीरे और पांच मुख्य झीलों के इस शहर को देखने या घुमने-फिरने के लिए कभी भी जा सकते हैं। राजस्‍थान में 'जयसमंद झील' को एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील होने का दर्जा प्राप्त है। यह उदयपुर जिला मुख्यालय से 51 किमी दूर दक्षिण-पूर्व की ओर उदयपुर-सलूम्बर मार्ग पर स्थित है।

प्रमुख स्थानों की संपूर्ण जानाकरी के लिए आगे क्लिक करें:-

1. पिचोला झील (Pichola Lake)।
2. सिटी पैलेस (City Palace)।
3. सज्जनगढ़ पैलेस (Sajjangarh Palace)।
4. फतह सागर झील (Fateh Sagar Lake)।
5. विन्टेज कार म्यूज़ियम (Vintage Car Museum)।
6. जगदीश मंदिर (Jagdish Temple)।
7. दूध तलाई म्यूज़िकल गार्डन (Dudh Talai Musical Garden)।
8. जैसामंद झील (Jaisamand Lake)।
9. सहेली-की-बाड़ी (saheli ki badi)
10. बोगोर की हवेली और मानसून महल (bagore ki haveli and monsoon palace)।




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