चंगेज खान कौन था, जानिए 10 रोचक बातें

changez khan
Last Updated: बुधवार, 18 अगस्त 2021 (12:22 IST)
असल में चंगिज खां है और मंगोलियाई उसे चिंगिस कहते हैं। यह एक क्रूर लुटेरा था। इसने जितनी हत्याएं की हैं उसका हिसाब किताब लगाना मुश्किल है। आओ जानते हैं इस लुटेरे और हत्यारे के बारे में 10 मुख्‍य बातें।


1. चंगेज खान का जन्म 1162 के आसपास आधुनिक मंगोलिया के उत्तरी भाग में ओनोन नदी के निकट हुआ था। उसका वास्तविक या प्रारंभिक नाम तेमुजिन (या तेमूचिन) था। उसकी मत्यु 18 अगस्त, 1227 को हुई थी।

2. उसके पिता का नाम येसूजेई था, जो कियात कबीले का मुखिया था। चंगेज खान की दाईं हथेली पर पैदाइशी खूनी धब्बा था। उसके 3 सगे भाई व 1 सगी बहन थी और 2 सौतेले भाई भी थे।

3. 12 वर्ष की आयु में चंगेज की शादी बोरते के साथ कर दी गई थी जिसका बाद में अपहरण हो गया था। अपनी पत्नी को छुड़ाने के लिए चंगेज को लड़ाइयां लड़नी पड़ी थीं।
4. उसके एक खास दोस्त का नाम बोघूरचू था। उसका सगा भाई जमूका भी उसके साथ ही रहता था। जमूका हालांकि प्रारंभ में उसका मित्र था, बाद में वो शत्रु बन गया। कबीलों की लड़ाई में उसके पिता की हत्या कर दी गई। बाद में चंगेज खान ने जमूका को हरा दिया और फिर शुरू हुआ उसके द्वारा सभी कबीलों के अपने अधीन करने का अभियान।

5. उसने सभी कबीलों को अपनी तलवार के जोर पर अपने अधीन कर लिया और इसके बाद उसके मन में दुनिया विजयी करने की क्रूर इच्‍छा जागृत होग गई। इसके बाद मंगोलिया से लेकर यूरोप तथा एशिया के कई हिस्सों पर उसने आक्रमण किया तथा वहां अपना साम्राज्य स्थापित किया।

6. चंगेज खान ने कबीलों को एकजुट किया और एक बड़े इलाके पर शासन किया। उसके राज्य में आज का कोरिया, चीन, रूस, पूर्वी यूरोप, भारत के कुछ हिस्से और दक्षिण-पूर्व एशिया आते थे। चंगेज खान ने अपना अभियान चलाकर ईरान, गजनी सहित पश्‍चिम भारत के काबुल, कंधार, पेशावर सहित कश्मीर पर भी अधिकार कर लिया था। इस समय चंगेज खान ने सिन्धु नदी को पार कर उत्तरी भारत और असम के रास्ते मंगोलिया वापस लौटने की सोची लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। इस तरह उत्तर भारत एक संभावित लूटपाट और वीभत्स उत्पात से बच गया।

7. कहा जाता है कि उसके पास इतना पैसा और भूमि थी कि वह अपने जीवनकाल में भी न तो इसका उपयोग कर पाया और न ही कभी हिसाब- किताब लगा सका। चंगेज खान पर लिखी एक प्रसिद्ध किताब के लेखक जैक वेदरफोर्ड का कहना है कि जीवन भर लूटकर सारी दुनिया से पैसा इकट्‍ठा करने वाले चंगेज खान ने कभी खुद या परिजनों पर खर्च नहीं किया। मरने के बाद भी उसे साधारण तरीके से दफनाया गया था। उसे दुनिया के अमीरों में शामिल किया गया है।

8. चंगेज खां प्रारंभिक तौर पर एक मंगोल शासक था और बौद्ध धर्म का अनुयायी था। चंगेज अपनी संगठन शक्ति, बर्बरता तथा साम्राज्य विस्तार के लिए कुख्यात रहा। एक नए अनुसंधान के अनुसार इस क्रूर मंगोल योद्धा ने अपने हमलों में इस कदर लूटपाट की और खूनखराबा किया कि एशिया में चीन, अफगानिस्तान सहित उजबेकिस्तान, तिब्बत और बर्मा आदि देशों की बहुत बड़ी आबादी का सफाया हो गया था। मुसलमानों के लिए तो चंगेज खान अल्लाह का कहर था। कहते हैं कि उसके हमलों में तकरीबन 4 करोड़ लोग मारे गए थे।

9. कहते हैं कि चंगेज खान ने दर्जनों शादियां कीं थी जिससे उसके कम से कम 200 पुत्र हुए थे। फिर उनमें से कई पुत्रों ने आगे जाकर राज्य कायम किए और साथ ही साथ विशाल हरम रखे जहां उनके बड़ी तादाद में बेटे पैदा हुए। कुछ वर्षो पहले एक आनुवांशिक शोध से यह पता चला है कि पूर्व मंगोलियाई साम्राज्य की सीमा में रहने वाले 8 प्रतिशत के लगभग पुरुषों के वाई क्रोमोजोम के अंदर एक ऐसा निशान मौजूद है जिससे पता चलता है कि वह मंगोलियाई शासक के खानदान से संबंध रखते हैं। इस अनुसंधान से ये परिणाम निकलकर आया कि दुनिया में करीब 1 करोड़ 60 लाख पुरुष यानी दुनिया के पुरुषों की कुल संख्या का 0.5 प्रतिशत हिस्सा चंगेज खां से संबंध रखता है। अनुसंधान के अनुसार पाकिस्तान के हजारा कबीले के लोगों में चंगेज का ही खून है। वे खुद को मंगोल ही मानते हैं। इसी तरह से मुगल, चुगताई और मिर्जा नाम वाले लोग भी अपने आपको मंगोल नस्ल का बताते हैं।

10. कहते हैं कि यही मंगोल कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, तुर्की आदि कई जगहों पर फैल गए थे बाद में इन्होंने बौद्ध धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लिया और ये कालांतर में मंगोल से हो गए। हालांकि इस संबंध में अभी भी शोध करने की आवश्यकता है।



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