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विष्णुसहस्रनाम : पढ़ें भगवान श्री विष्णु के 1000 नामों की महिमा

मंगलवार,जुलाई 5, 2022
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सुंदर कांड (sundar kand) का पाठ मन को शांति देने तथा शुभ ऊर्जा बढ़ाने का काम करता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार सुंदर कांड का पाठ हम सभी को सुनना और पढ़ना चाहिए क्योंकि यह पाठ सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट ...
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Hinduo ka kaunsa war he : शिव के मंदिर में सोमवार, विष्णु के मंदिर में रविवार, हनुमान के मंदिर में मंगलवार, शनि के मंदिर में शनिवार और दुर्गा के मंदिर में बुधवार और काली व लक्ष्मी के मंदिर में शुक्रवार को जाने का उल्लेख मिलता है। लेकिन सवाल उठता है ...
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Jagannath Rath Yatra Tradition: जगन्नाथ रथयात्रा के पहले प्रभु जगन्नाथ को 108 कलशों से शाही स्नान कराया जाता है। फिर 15 दिन तक प्रभु जी को एक विशेष कक्ष में रखा जाता है। जिसे ओसर घर कहते हैं। आखिर उन्होंने क्यों एकांत में 15 दिन के लिए रखा जाता है ...
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यहां पढ़ें मासिक शिवरात्रि व्रत की पौराणिक कथा। कैसे एक शिकारी ने दिन-रात भूखे रहकर, अनजाने में ही शिव जी के पूजन का पुण्यफल प्राप्त किया और प्राणियों पर दया दिखाकर इस व्रत को पूर्ण किया और उसका अच्छा फल भी पाया। आप भी पढ़ें मासिक शिवरात्रि व्रत की ...
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Devshayani Ekadashi 2022 : आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को आषाढ़ी एकादशी कहते हैं। इसे देवशयनी एकादशी, हरिशयनी और पद्मनाभा एकादशी आदि नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजी माह के अनुसार इस साल देवशयनी एकादशी 10 जुलाई 2022 को आ रही है। कहते हैं कि ...
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केले का पेड़ काफी पवित्र माना जाता है और कई धार्मिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है। दक्षिण भारत में केले बहुतायत में उत्पन्न होते हैं। कहते हैं कि केले में साक्षात विष्णु और लक्ष्मी का वास होता है।
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अमरनाथ यात्रा कब से शुरू होगी 2022 : 2022 की अमरनाथ यात्रा 30 जून से प्रारंभ हो जाएगी तो कि 11 अगस्त तक चलेगी। यात्रा में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए पहलगाम और बालटाल रूट पर 20 जगहों पर 36 टीमों को तैनात किया गया है। जिन्होंने यात्रा के लिए ...
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Sapne Mein Gaay Bachhiya Dekhna हिन्दू धर्म गाय का बहुत महत्व है। पुरातन काल से गौ माता की पूजा की जाती रही है। मान्यतानुसार अगर आप गाय की निरंतर सेवा करते हैं तो आपको निश्चित ही पुण्य मिलेगा। Dream Interpretation
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Benefits of making Rangoli: अक्सर दीपावली पर या किसी त्योहार एवं मांगलिक अवसरों पर मांडना और रंगोली बनाई जाती है। वास्तु शास्त्र में मांडना और रंगोली का बहुत महत्व बताया गया है। आओ जानते हैं कि प्रतिदिन घर में रंगोली बनाने से क्या होगा।
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Swastik Sign हिन्दू धर्म में स्वास्तिक को धर्म का प्रतीक चिह्न माना गया है। यह कल्याणकारी एवं शुभता का प्रतीक है। इसे कुशलक्षेम, शुभकामना, आशीर्वाद, पुण्य, शुभभावना, पाप-प्रक्षालन तथा दान स्वीकार करने के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। यह सार्वभौम ...
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Shri Satyanarayan Katha : सत्यनारायण व्रत कथा स्कन्दपुराण के रेवाखण्ड से संकलित की गई है। भगवान विष्णु के सत्य स्वरूप की कथा ही सत्यनारायण व्रत कथा है। यह कथा अक्सर पूर्णिमा के दिन, बृहस्पतिवार या किसी पर्व विशेष के दिन परिवार में आयोजित की जाती है। ...
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Shivling darshan : भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक है नंदी। शिव मंदिर में उनकी बैल के स्वरूप में प्रतिमा विराजमान रहती है। जो भी मनोकामना होती है उसे उनके कानों में बोलने की परंपरा है और साथ ही नंदीदेव के सींगों के बीच से शिवलिंग के दर्शन करने की ...
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गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) मंत्रों का मंत्र महामंत्र है। यह प्रथम इसलिए कि विश्व की प्रथम पुस्तक ऋग्वेद की शुरुआत ही इस मंत्र से होती है।
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Mandir me ghanti kyu bajate hai scientific reason : घंटे या घंटियां 4 प्रकार की होती हैं:- 1.गरूड़ घंटी, 2.द्वार घंटी, 3.हाथ घंटी और 4.घंटा। मंदिर या घर के पूजाघर में आपने देखा होगा गरुड़ घंटी को, जिसे पूजा या आरती करते वक्त बजाया जाता है। आओ जानते ...
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वट सावित्री व्रत 2022 : अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह व्रत सौभाग्य और संतान प्राप्ति में सहायता देने वाला माना गया है। आइए जानते हैं सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य देने वाले वट वृक्ष की विशेषताएं -
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Mandir Parikrama : मंदिर में परिक्रमा करते वक्त मूर्ति के की पीठ को भी भी लोग प्राणाम करते हैं। यानी जो मूर्ति स्थापित है उसके पीछे की जो दीवार है, लोग परिक्रमा करते वक्त उस दीवार के पीछले हिस्से पर ओम या स्वास्त्कि बनाकर उसकी भी पूजा करने लगे हैं। ...
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Rules for giving water in Tulsi : तुलसी के पौधे को साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। तुलसी कथा के अनुसार पहले यह वृंदा नाम की एक पवित्र महिला थी। श्रीहरि विष्णु की कृपा से जिसने पौधे का रूप ले लिया था। तुलसी के विभिन्न प्रकार के पौधे मिलते ...
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Budhwa mangal : ज्येष्ठ माह में हनुमानजी और मंगलदेवजी की पूजा का खासा महत्व रहता है। इन मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ज्येष्ठ माह का आज 31 मई को चौथा मंगल है। 17 मई से शुरू हुए ज्‍येष्‍ठ मास में 5 बड़ा मंगल पड़ेंगे। यह महीना 14 जून ...
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भगवान शिव के प्रमुख गणों में से एक है नंदी। नंदी जी कैलाश पर्वत के द्वारपाल भी हैं। उनका एक स्वरूप महिष भी। महिष को बैल भी कहते है। जब भी हम शिव मंदिर में जाते हैं तो शिवलिंग के सामने कुछ दूरी पर नंदी महाराज विराजमान रहते हैं।
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