होली गीत : फागुन मस्त महीना आयो

poem on holi
Lokgeet On Holi
 
में करके रखी जतन
होली में घर को आना सजन।

लाची-लवांगी का बीरा लगाऊं,
हाथों से मेरे खाना सजन,
होली में घर को आना सजन।

सोने की थाली में जेवना परोसूं,
रुचि रच भोग लगाना सजन,
होली में घर को आना सजन।

झंझा रे गेंडुवा गंगा जल पानी,
धीरे-धीरे सब पी जाना सजन,
होली में घर को आना सजन।

सब रंगों से सजी है थाली,
सब रंगों से लहलाना सजन,
होली में घर को आना सजन।

फागुन मस्त महीना आयो,

आके मन बहलाना सजन,
होली में घर को आना सजन।



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