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हिन्‍दी कविता : रावण दहन

रविवार,अक्टूबर 2, 2022
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जीते जी क्रांति करने वाले भगत सिंह के लिखे हुए शेर उनके बाद भी क्रांति पैदा करने की ताकत रखते हैं। देश के प्रति उनका प्रेम, दीवानगी और मर मिटने का भाव, उनकी शेर और कविताओं में साफ नजर आता है, एक बार पढ़ेंगे तो खून में देशभक्‍ति महसूस होने लगेगी।
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बेटियों के दिन नहीं युग होते हैं बेटियां सृष्टि नहीं दृष्टि होती हैं बेटियां विश्वास हैं आभास हैं साथ हैं तो श्वास है बेटियों के कल्प नहीं संकल्प होते हैं बेटियां भार नहीं आभार होती हैं बेटियां विश्वास हैं सत्य का प्रकाश हैं पास ...
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Ramdhari Singh Dinkar Famous Hindi Poet : हिंदी जगत के प्रमुख साहित्यकार, लेखक, निबंधकार और कवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती 23 सितंबर को मनाई जाती है। यहां पढ़ें महाकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध 6 कविताएं। Padma Bhushan Ramdhari Singh Dinkar
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Poem on Navratri 2022 : नवरात्रि में व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा-आराधना की जाती है, यहां पढ़ें मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा भाव दर्शाती नवरात्रि पर दुर्गा भक्ति की कविता। चरणों में अपनी जगह दीजिए, मैया तेरी है महिमा बड़ी, तेरी गरिमा बड़ी, दादी, नानी ...
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वह अटल खड़ा है उत्तर में, शिखरों पर उसके, हिम किरीट। साक्षी, विनाश निर्माणों का, उसने सब देखी, हार-जीत।
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लगने लगता है तुम्हें नहीं पसंद है गियरलेस गाड़ी चलाना तुम्हारे लिए तो गियरलेस गाड़ियां बस औरतों के लिए बनी हैं मर्द तो गियर वाली गाडियां चलाया करते हैं एक सौ बीस की स्पीड में
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इंदौर के वरिष्ठ कवि कृष्णकांत निलोसे के साथ विनीत तिवारी, रवींद्र व्यास, उत्पल बैनर्जी, किरण परियानी 'अनमोल', केसरी सिंह चिडार, रामाआसरे पांडे, अभय नेमा, चुन्नीलाल वाधवानी, शोभना जोशी, सारिका श्रीवास्तव भी रचना पाठ करेंगे।
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साहस आत्मबलिदान स्वरूप रंग वीरों का केसरिया, हृदय से उसका सम्मान करें ! श्वेत रंग परिचायक शांति का पवित्रता का ये आह्वान करे ! अशोक चक्र की धर्मचक्र प्रतीक चौबीस तीलियां चहुंमुखीं विकास का प्रतिनिधित्व करे!
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रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन का एक मीठा त्योहार है। यहां पढ़ें हृदय को प्रभावित करने वाली भाई के प्रेम की एक मार्मिक कविता- मेरी एक बहन होती, सपनों के आकाश में उड़ती, सीधे दिल से वो आ जुड़ती। रिश्तों को परिभाषित करती, होती वो हम सबका मोती, मेरी ...
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नहीं टूटता कुछ भी एक बार में न अखरोट, न नारियल, न पहाड़ या दिल पिता का!
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poem on tulsidas श्री रामचरितमानस के रचियता महाकवि गोस्वामी तुलसीदास पर रोचक हिन्दी कविता यहां पढ़ें। रामचरित का हर प्रसंग, जीवन रस मन में उतरा होगा। वही जीवन रस चौपाईयां बनकर, आपकी कलम से बह निकला होगा। ramcharitmanas poem
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19 जुलाई को हिन्दी के प्रसिद्ध कवि गोपालदास नीरज (Indian Poet Gopaldas Neeraj) की पुण्यतिथि है। पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित गोपालदास 'नीरज' एक हिन्दी साहित्यकार (Hindi literature), शिक्षक थे। वे ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्हें शिक्षा और साहित्य ...
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अलसुबह से देर रात मशीन सी भागती हूं मरे अस्तित्व के साथ आधी रात जागती हूं
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एक सुबह सुहानी खिल आई इठलाती, नभ ललचाए आ बैठे सुबह की गोद में, धूप देख शरमा पड़ी, सूरज हो गया रुआंसा, गगन की मादकता से धरा को मिली राहत
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मेरे कान्हा की प्यारी मुरतिया, मन में बस जाए इसकी सुरतिया, गोकुल धाम से कान्हा आए, जमुना किनारे बंसी बजाए, भागी-दौड़ी चली आए
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नहीं देख पाते हैं कई बार बहुत सारे चेहरे ठीक से या उनकी आंखें ही जी भर कर होती हैं जबकि ठीक सामने आंखों के
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फादर्स डे पर सहबा जाफरी की मर्मस्पर्शी कविता- पापा मेरी नन्ही दुनिया, तुमसे मिल कर पली-बढ़ी आज तेरी ये नन्ही बढ़कर, तुझसे इतनी दूर खड़ी तुमने ही तो सिखलाया था, ये संसार तो छोटा है तेरे पंखों में दम है तो, नील गगन भी छोटा है कोई न हो जब साथ ...
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रिश्तों की सामयिकता, उपयोगिता, आवश्यकता, उपादेयता, अनुज्ञा और उनमें लिपटे संवेदनशील रसायनों का आस्वादन कराती डॉ. रवीन्द्र नारायण पहलवान की छोटी सी यह बड़ी कविता है।
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Kabir ke dohe dharm par- कबीर, एक संत जो सालों पहले वह कह गए हैं जो आज भी प्रासंगिक है। धर्म के नाम पर आज जब राजनीति हिंसक हो चली है तब कबीर जयंती पर हम लाए हैं कुछ ऐसे दोहे जो पूरी ताकत से धर्म के दोगले चरित्र पर प्रहार करते हैं।
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