ख़ुशी का ठिकाना ना रहा :चुटकुला पढ़कर आपकी हंसी नहीं रुकने वाली


ख़ुशी का ठिकाना ना रहा :इस मुहावरे का क्या मतलब है ?

पप्पू : ख़ुशी घर वालों से छिपकर रोजाना अपने बॉयफ्रेंड से मिलने जाती थी।
एक दिन उसके पापा ने बॉयफ्रेंड के साथ देख लिया
और ख़ुशी को घर से निकाल दिया।
अब बेचारी ख़ुशी का ठिकाना ना रहा....

दे तड़ातड़ ...दे .... तड़ातड़



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