Indori Viral Joke : ऐसा है हमारा इंदौर


1. इंदौर एक प्रॉपर्टी प्रधान देश (नगर) है ।

2. इंदौर में इतने चटोरे लोग रहते है कि रात दो बजे तक भी सराफा चालू रहे, तो रौनक कम नहीं होती

3. अख़बार में जो सबसे पहले निजी (मरे-करे की ख़बर) पढ़ने वाला एक इंदौरी व्यक्क्ति होता है ।

4. इंदौर में मराठी कहीं भी मरे उसे रामबाग मुक्तिधाम में ही ले जाते हैं ।

5. सिंधी माणु के मरने पर अपने यहां छह-सात जगह उठावने होते हैं।

7. शिर्डी साई के आशीर्वाद को हर चौराहे तक पहुंचाने का काम ऑटो रिक्शे वालों ने किया है।
8. हिंदू ऑटो JMD (जय माता दी), मुस्लिम की रिक्शा KGN (ख्वाज़ा ग़रीब नवाज़) लिखा होता है ।

9. शहर में चलती बाइक पर गुटखा मुंह में पकाकर पीकना जरूरी होता है ।

10. अपने यहां गाड़ी की नंबर प्लेट, सिर्फ नंबर प्लेट ही नही नेम प्लेट और परिचय पत्र दोनों होता हैं ।

11. कुछ इन्दौरियों को कौड़ी का काम नी हो, तो भी फुरसत धेले भर की नी होती है ।
12. हमारे पढ़ाई में कमजोर छात्र सिर्फ बीई-सीए ही कर पाते हैं ।

13. इंदौर ही सबसे पहले प्लास्टिक की पन्नी में फटे नोट चलाने का कंसेप्ट लाया ।

14. चिल्लर के अभाव में इंदौरी व्यापारियों ने अपने सील साइन के टोकन भी छापे ।

15. पन्नी की थैली में पानी 'पाउच' के रूप में पैक करके पीने लायक यहीं से बना ।

16. हरे-लाल-ऑरेंज शरबत को पन्नी में जमाकर, 'पेप्सी' बनाकर अपन ने ही बेचना शुरू करा ।
17. फ्लेक्स पर छपने और दिखते-दिखते नेता बनने का विचार इंदौर ने दिया ।

18. हमारे शहर का सबसे बड़ा (बे)रोजगार 'प्रॉपर्टी का काम' है ।

19. चायनीज़, इटालियन खाने को स्वाद सेंव से ही मिलता है।

20. स्वच्छता में नंबर वन आने पर जो कचोरी सूते वो इंदौरी है....

21. गरमा-गरम गुलाब जामुन की प्लेट में ठंडी आइसक्रीम यहीं आकर डली ।

22. चाय को 'वन बाय टू' काट के 'कट' का अविष्कार भी यहीं हुआ ।
23. हॉस्पिटल में पैकेज कंसेप्ट से ट्रीटमेंट का गणित वाला फ़ॉर्मूला भी यहीं लगा ।

24. सैकड़ों बच्चों को साथ बैठाकर पढ़ाने की कोचिंग क्लास में इंदौर 1stक्लास है ।

25. यहां थूकना मना है' का संदेश देने भगवान सीढ़ियों और कोने में यहीं बिराजे ।

27. पान में टेस्टी जंतर-मंतर छिड़कने से माल का चूना यहीं से लगने लगा ।

28. क्रिकेट में हाफ पिच मैच और उसके नियम जैसे एक टप्पा कैच आउट, एलबीडब्लू की नी को यहीं से खिलाया गया।
29. फटका रुमाल बंधी छोरियों को सिर्फ उनकी आंखों के आधार पर पहचान करने और नापने में इंदौरी छोरे आगे हैं ।

30. इंदौर में अख़बार का उपयोग पढ़ने से ज्यादा पोहे खाने में होता है ।


स्वागत इन्दोरी नगरी में... हंस दो कि आप इंदौर में हो भिया....




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