0

लुकिंग इनवर्ड (भीतर देखना) : परिवर्तनशील जगत में स्थिरता के लिए ध्यान

सोमवार,जुलाई 26, 2021
0
1
संस्कृत भाषा को संसार की प्रथम भाषा और ऋग्वेद को प्रथम ग्रंथ माना जाता है। दुनिया की प्रथम भाषा का पहली बार किसी ने सुव्यवस्थित व्याकरण ग्रंत लिखा था तो वह थे महर्षि पाणिनि। उन्होंने अष्टाध्यायी नामक ग्रंथ लिया। आओ जानते हैं इस ग्रंथ के बारे में।
1
2
क़िताब डायरी शैली में ही लिखी गई है,जिसमें लेखिका डायरी से ही हॉस्टल की बातें करती हैं। डायरी 26 जून 1999 की रात में लिखे गये पहले पन्ने से शुरू होकर 12 दिसंबर 2003 के आख़िरी पन्ने तक करीब 5 साल का सफ़र तय करती है। इस दौरान पाठक 'स्वराजंलि वर्किंग ...
2
3
कालखंडों की अनवरत श्रंखला में सदैव ज्ञान गुरु के रूप में प्रतिष्ठित हमारा देश भारतवर्ष आज भी अपने नामकरण के आधार को तलाश रहा है। हमारे देश का नाम भारत कब क्यों और कैसे पड़ा इस विषय पर आज भी सत्य को नकारा जा रहा है।
3
4
समाज की 4 बड़ी बुराइयां,4 युवतियां और उनकी 4 अधूरी कहानियां....'चार अधूरी बातें' युवा लेखक अभिलेख द्विवेदी का लघु उपन्यास है। अधूरी इसलिए क्योंकि अभिलेख के अनुसार पूरापन सब लिखते हैं। बिना किसी पूर्व भूमिका के उपन्यास संदली नामक किरदार से आरंभ होता ...
4
4
5
रात के अंधेरे में जीवन के गहरे रहस्य छुपे होते हैं। जीवन भी कई बार निराशाओं और अवसाद की काली रात से गुजरता है, लेकिन उस रात के बाद आने वाला एक चमकता दिन आपकी दिशा तय करता है
5
6
1981 के आसपास लिखी गई इस किताब में एक संक्रमण का जिक्र है और इसे वुहान 400 का ही नाम दिया गया है। यानी आज से करीब 40 साल पहले उस वायरस के बारे में लिए किताब में जिक्र कर दिया गया था। एक अमेरिकी की यह कृति शुरु तो एक ऐसी मां से होती है जो अपने बच्चे ...
6
7
'सरहदों के पार दरख़्तों के साये में' यानी प्रकृति के सान्निध्य में। रेखा भाटिया अमेरिका की उभरती युवा कवयित्री है और शार्लेट शहर में रहती हैं। दरख्तों से घिरी ख़ूबसूरत वादी जैसे शहर में, कथक नृत्य करती हैं और चित्रकला से बहुत प्यार है। स्कूल में ...
7
8
नई सदी में हिन्दी कथा साहित्य ने कई नए विषयों की ज़मीनें तोड़ कर वहां कहानियों और उपन्यासों की फ़सल उगाई है। कई ऐसे विषय जिन पर पहले बहुत कम बात की जाती थीं, गिने-चुने उदाहरण जिनके मिलते थे, अब उन विषयों पर बहुत काम हो रहा है और लगभग अछूत समझे जाने ...
8
8
9
यादों के पत्ते तृप्ति मिश्रा के निजी अहसास की कविता है। पर इस कविता का फलक समूची मानवीयता को समेटने वाला है। जो लोग यादों के पत्तों में वसंत का दर्शन करके रह जाते हैं, वो इस युवा कवयित्री की कविता की कल्पना की उड़ान की न ऊंचाइयां समझ सकते हैं और न ...
9
10
'द व्हाइट टाइगर फिल्म ऑस्कर की दौड़ में शामिल हो चुकी है। यह फिल्म लेखक अरविंद अडिगा की किताब पर आधारित है। अरविंद अडिगा एक पत्रकार के रूप में पहचाना जाने वाला नाम था फिर भारतीय साहित्यप्रेमियों के लिए इस नाम ने उम्मीद के विशाल द्वार खोल दिए। अरविंद ...
10
11
वंश गांधी एक ऐसा ही नाम है। वे महज 17 साल के हैं और हाल ही में उनका लिखा पोएट्री कलेक्‍शन ‘ट्रेन ऑफ माय थॉट्स’ प्रकाशि‍त हुआ है।
11
12
फिर उन्होंने कहा, बेशक ये पहाड़ और नदियां, जंगल और मैदान सबको बहुत प्यारे हैं, लेकिन जो बात जानना सबसे ज़रूरी है वह यह कि इस विशाल भूमि में फैले भारतवासी सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।
12
13
लेखिका ज्योति जैन साहित्य संसार में तेजी से लेकिन सरलता से उभरता वह चमकता नाम है जिसने साहित्य की लगभग हर विधा में स्वयं को सुव्यक्त किया है। वे जब लघुकथा लिखती हैं तो उनका प्रभाव
13
14
डॉ. संध्या भराड़े द्वारा लिखित आत्मकथा शैली में 'कस्तूरबा' नामक पुस्तक प्रकाशित है। प्रथम पुरुष में लिखी गई इस कृति में कस्तूरबा अपनी कहानी स्वयं सुना रही हैं।
14
15
यह किताब है नादिया मुराद की। नादिया मुराद एक ऐसी सा‍हसि‍क लड़की है, जिसने इस्‍लामिक स्‍टेट की यातनाओं के खि‍लाफ अपनी आवाज उठाई। नादिया मुराद एक यजीदी युवती है। जिसने आईएसआईएस की कैद में रहते हुए तमाम तरह की यातनाओं को भोगा। चाहे वो मारपीट हो या ...
15
16
'वह हंसती बहुत है' संग्रह की कविताएं स्त्री जीवन के विविध आयामों को अभिव्यक्त करती हैं। प्रेम, जीवन का डीएनए है‌। यही प्रेम प्राय: दोराहे पर ला खड़ा करता है। एक राह मिलन के बाद की टूटन और दूसरी ना मिल पाने की कसक अथवा बिछुड़न। दूसरी राह शाश्वत है। यह ...
16
17
बापू और हरिलाल दोनों अपनी जगह अच्छे थे, सच्चे थे, सही थे लेकिन परिस्थितियों के दंश ने एक सुयोग्य पुत्र को कंटीली राह पर धकेल दिया। जीवनभर पिता के प्रति पलते आक्रोश ने हरिलाल को पतन की राह पर धकेल दिया। जब सारा विश्व बापू को सम्मान के साथ अंतिम विदाई ...
17
18
यह किताब एक ओर अमेरिका और उसके राष्ट्रपति के सर्वशक्तिमान होने के मिथक को उघाड़ती है तो दूसरी ओर उन संकटों और दुविधाओं को भी उजागर करती है जिनसे ‘दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र’ आज जूझ रहा है।
18
19
हतरीन लेखिका निधि जैन की 'रेवा में बहते मयूर पंख' सशक्त हस्ताक्षर है अद्धभुत प्रेम गाथा का। यह कहानी है कल-कल बहती रेवा की, जो साक्षी रही इतिहास के उन पन्नों की जिसमें सिमटा था कालजयी प्रेम,
19