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हरिद्वार कुंभ में गंगा स्नान व पूजन के 10 फायदे

सोमवार,मई 17, 2021
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उत्तररांचल प्रदेश में हरिद्वार अर्थात हरि का द्वार है। हरि याने भगवान विष्णु। हरिद्वार नगरी को भगवान श्रीहरि (बद्रीनाथ) का द्वार माना जाता है, जो गंगा के तट पर स्थित है। इसे गंगा द्वार और पुराणों में इसे मायापुरी क्षेत्र कहा जाता है। यह भारतवर्ष के ...
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पिछले साल भी लगभग यही वक्त था और कोरोना अपने शुरुआती दौर में ही था। उस समय देश में सबसे ज्यादा तबलीगी जमात के लोगों की चर्चा हो रही थी कि इन्होंने पूरे देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) फैलाने का काम किया है। इस दौरान वर्ग विशेष के लोग भी निशाने पर ...
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कुंभ मेले में सामान्य स्नान और शाही स्नान की अलग अलग तिथियां होती हैं। पहले 14 जनवरी मकर संक्रांति का स्नान निकल गया। इसी तरह 11 फरवरी मौनी अमावस्या का और 16 फरवरी वसंत पंचमी का स्नान भी निकल गया। 27 फरवरी माघ पूर्णिमा पर सामान्य स्नान है। परंतु ...
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8 अप्रैल 2021 को मध्यरात्रि 3 बजकर 16 मिनट से 9 अप्रैल सूर्योदय से पहले 4 बजकर 57 मिनट तक वारुणी योग रहेगा। स्थानभेद से समयभेद भी हो सकता है। अन्य पंचांगों के अनुसार रात्रि 4 बजकर 8 मिनट से प्रात: 5 बजकर 52 मिनट तक वारुणी योग रहेगा। वारुणी योग को ...
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आपने 16 श्रृंगार का नाम तो सुना ही होगा। महिलाएं करती है 16 श्रृंगार और माना जाता है कि महिलाएं अपने साज-श्रृंगार पर सबसे ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी की नागा बाबा भी अपने साज-श्रृंगार पर बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं। हर ...
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कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृति और धार्मिक मेला है। इस दौरान संपूर्ण भारत के लोग एक जगह एकत्रित होकर नदी में स्नान करते हैं, संतों के प्रवचन सुनते हैं और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्ति के साथ ही अपने जीवन को सुंदर बनाने के सूत्र साथ ले जाते हैं। ...
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कुंभ मेले में सामान्य स्नान और शाही स्नान की अलग अलग तिथियां होती हैं। पहले 14 जनवरी मकर संक्रांति का स्नान निकल गया। इसी तरह 11 फरवरी मौनी अमावस्या का, 16 फरवरी वसंत पंचमी का स्नान और 27 फरवरी माघ पूर्णिमा पर सामान्य स्नान हो चुका है, 11 मार्च 2021 ...
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भारतीय राज्य उत्तराखंड का एक नगर है हरिद्वार। यह नगर गंगा के दोनों तट पर बसा हुआ है। आओ जानते हैं कि किन कारणों से हरिद्वार को एक पवित्र नगर माना जाता है।
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हिंदू धर्म में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या का विशेष महत्व है। इस बार यह अमावस्या शनिवार को आ रही है। शनिवार के दिन अमावस्या होने के कारण शनैश्चरी अमावस्या का योग बन रहा है और फाल्गुन माह होने के कारण फाल्गुन अमावस्या कहते हैं। इस वर्ष यह ...
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हिन्दू साधुओं के मुख्‍यत: 13 अखाड़े हैं। नागा साधुओं में भी दिगंबर नागा साधुओं के प्रति लोगों में बहुत जिज्ञासा बनी रही है। इन साधुओं का संसार और गृहस्थ जीवन से कोई लेना-देना नहीं होता है। गृहस्थ जीवन जितना कठिन होता है उससे सौ गुना ज्यादा कठिन ...
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कुंभ मेले में सामान्य स्नान और शाही स्नान की अलग अलग तिथियां होती हैं। पहले 14 जनवरी मकर संक्रांति का स्नान निकल गया। इसी तरह 11 फरवरी मौनी अमावस्या का, 16 फरवरी वसंत पंचमी का स्नान और 27 फरवरी माघ पूर्णिमा पर सामान्य स्नान हो चुका है अब 11 मार्च ...
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त्वचा की सफाई का काम स्नान ही करता है। योग और आयुर्वेद में स्नान के प्रकार और फायदे बताए गए हैं। बहुद देर तक और अच्छे से स्नान करने से जहां थकान और तनाव घटता है वहीं यह मन को प्रसंन्न कर स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायी सिद्ध होता है। योगा स्नान कई तरीके ...
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मूलत: 13 अखाड़ें हैं। उक्त तेरह अखाड़ों के अंतर्गत कई उप अखाड़े माने गए हैं। शैव पंथियों के 7, वैष्णव पंथियों के 3 और उदासिन पंथियों के 3 अखाड़े हैं। तेरह अखाड़ों में से जूना अखाड़ा सबसे बड़ा है। सभी अखाड़ों में नागा बनाने की परंपरा रही है। नागा एक ...
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राजा हर्षर्धन और उनके काल के पहले कुछ राजा जब कुंभ में स्नान करने आते थे तो कई प्रकार के दान करते थे जिसमें 84 दान की चर्चा बहुत होती है। कहते हैं कि सम्राट हर्षवर्धन हर 5वें या 6टें वर्ष प्रयाग कुंभ मेले में आते थे और वह बारी-बारी भगवान सूर्य, शिव ...
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कुंभ मेले में सामान्य स्नान और शाही स्नान की अलग अलग तिथियां होती हैं। पहले 14 जनवरी मकर संक्रांति का स्नान निकल गया। इसी तरह 11 फरवरी मौनी अमावस्या का और 16 फरवरी वसंत पंचमी का स्नान भी निकल गया। 27 फरवरी माघ पूर्णिमा पर सामान्य स्नान है। इसके बाद ...
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माघ माह में हरिद्वार कुंभ मेला चल रहा है। हिन्दू पंचांग के चंद्रमास के अनुसार वर्ष का ग्यारहवां महीना है माघ। पुराणों में माघ मास के महात्म्य का वर्णन मिलता है। पुराणों के अनुसार माघ माह में पूर्णिमा के दिन निम्नलिखित 5 कार्य करने से आपके जीवन के ...
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हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन चल रहा है। हिन्दू धर्म के लिए यह बहुत ही पवित्र समय होता है। कुंभ ही एक मात्र ऐसा पर्व होता है जबकि देशभर के साधु संत एकत्रित होते हैं और साथ ही लघु भारत वहां देखने को मिलता है। ऐसे में कुंभ में स्नान करने, संतों के ...
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कुंभ राशि में सूर्य का प्रवेश 12 फरवरी शुक्रवार को रात्रि 9 बजकर 03 मिनट पर होगा। जहां सूर्य 14 मार्च 2021 तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। आओ जानते हैं खास 5 बातें।
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अमावस्या (अमावस) के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं। यह बलप्रदायक तिथि हैं। अमावस्या माह में एक बार ही आती है। मतलब यह कि ...
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हरिद्वार कुंभ मेले में जाने के लिए लिए देश में सभी जगह से रेल, बस या एयर सुविधा उपलब्ध है। हरिद्वार महत्वपूर्ण धार्मिक होने के कारण वायु, रेल और सड़क के माध्यम से भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है। प्रस्तुत है संक्षिप्त जानकारी...
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हरिद्वार कुंभ मेले में स्नान या कल्पवास करने जा रहे हैं तो आपके लिए कुछ जरूरी टिप्स और हिदायतें जिन पर अमल करके आप सुरक्षा और सुविधा में रहेंगे और तीर्थ लाभ ले सकेंगे। कोरोना वायरस के संकट काल में इसे अपनाना जरूरी है। आओ जानते हैं कुछ सामान्य 12 ...
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कल्पवास का अर्थ होता है संगम के तट पर निवास कर वेदाध्ययन और ध्यान करना। कुम्भ मेले में कल्पवास का अत्यधिक महत्व माना गया है। कुंभ नगरियों में कल्पवास का बहुत महत्व है क्योंकि यहां कभी किसी काल में ऋषियों ने घोर तप किया था। तभी से तपोभूमि पर कुंभ और ...
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गंगा नदी की महिमा का वर्णन पुराणों में मिलता है। गंगा नदी को भारत की सबसे पवित्र नदी माना जाता है। इसकी पवित्रता तब और बढ़ जाती है जबकि कुंभ पर्व आता है। पुराणों में गंगा को तीन स्थानों पर उसे दुर्लभ कहा गया है। दुर्लभ का अर्थ है कि तीन तीर्थों में ...
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देशभर में माघ माह में नदियों पर स्नान का महत्व बढ़ जाता है। खास कर माघ पूर्णिमा के दिन तो इसका महत्व और भी ज्यादा होता है। माघ माह में ही कुंभ मेले की तरह इन दो जगहों पर भी मेले का आयोजन होता है और लोग स्नान, दान, श्राद्ध, तर्पण और पूजा करके पुण्य ...
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हिमालय में आज भी हजारों ऐसे स्थान हैं जिनको देवी-देवताओं और तपस्वियों के रहने का स्थान माना गया है। हिमालय में जैन, बौद्ध और हिन्दू संतों के कई प्राचीन मठ और गुफाएं हैं। मान्यता है कि गुफाओं में आज भी कई ऐसे तपस्वी हैं, जो हजारों वर्षों से तपस्या कर ...
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हिमालय में कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पर शून्य से 45 डीग्री से भी नीचे तापमान रहता है फिर भी वहां पर निर्वस्त्र रूप से रहकर साधुओं को तप करते देखे जाने की घटना से भारतीय सैकिन वाकिफ है। एक ओर जहां पर भारतीय सैनिक खून को जमा देवे और हाड़ कपा देने वाली ...
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हरिद्वार कुंभ मेले में कुंभ में इस वक्त लाखों साधु-संत डेरा डाले हुए हैं। शैव, वैष्णव, उदासन, बैरागी आदि साधुओं के अलावा भी कई अनगिनत साधु संप्रादाय है। सवाल यह उठता है कि हजारों या लाखों की संख्या में पधार रहे ये साधु सच में ही साधु है या कि आजकल ...
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कल्पवास का अर्थ होता है संगम के तट पर निवास कर वेदाध्ययन और ध्यान करना। प्रयाग इलाहाबाद कुम्भ मेले में कल्पवास का अत्यधिक महत्व माना गया है। कल्पवास पौष माह के 11वें दिन से माघ माह के 12वें दिन तक रहता है। कुछ लोग माघ पूर्णिमा तक कल्पवास करते हैं।
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हर वर्ष माघ माह में हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन, नासिक आदि जगहों पर पवित्र नदी में स्नान करने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस बार माघ माह में हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है। ऐसे में पवित्र नदी में स्नान का महत्व कई गुना है। पूस एवं माघ माह ...
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कोरोना काल के चलते हरिद्वार कुंभ मेले में वैसे तो बहुत ही सावधानी रखने की जरूरत है परंतु हम यहां बता रहे हैं वे सावधानियां या नियम जिसका उल्लेख शास्त्रों में किया गया है क्यों कुंभ नगरी एक तीर्थ क्षेत्र है जहां पर धर्म और कर्म का नियम है यह कोई ...
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हरिद्वार में वर्ष 2021 कुंभ मेले का आयोजन होने वाला है। कोरोना का असर 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर भी रहेगा। कुंभ का आयोजन मुख्य तौर पर फरवरी से अप्रैल के बीच किया जाएगा। कुंभ में शाही स्नान के अलावा भी और कुछ खास तिथियों पर स्नान ...
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