आज खरगोश दिवस : जानिए क्यों मनाया जाता है, 10 अनजाने तथ्य खरगोश के बारे में


विश्‍व खरगोश दिवस हर साल मनाया जाता है। यह दिवस हर सितंबर माह के आखिरी शनिवार या रविवार को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे रोचक कारण है। कहा जाता है कि खरगोश हमारे जीवन में खुशी लाते हैं, वे एक स्वास्थ्य पर्यावरण बनाते हैं। US में पेटको के अनुसार खरगोश सबसे अधिक पाला जाता है। यूएस में कुत्‍ते और बिल्‍ली के बाद खरगोश को सबसे अधिक पालते हैं। इस खास दिन पर आइए जानते हैं कुछ खरगोश के बारे में -

- खरगोश की उम्र अधिकतम 8 साल होती है।


- खरगोश के सुनने की क्षमता अधिक होती है वे अपने दोनों कान से अलग - अलग जगह की आवाज सुन लेते हैं।

- वे एक बार में 4 से 12 बच्‍चे तक दे सकते हैं।

- समय के साथ खरगोश के दांत 1 से.मी. तक बढ़ते हैं। इसलिए वह तेजी से कुतरने लगते हैं।

- खरगोश के सिर्फ 28 दांत होते हैं।

- अगर आप को लगता है कि खरगोश कुछ ज्‍यादा ही कूद रहे हैं इसका मतलब यह कि वह खुश है।

- खरगोश जंगली प्रकार के भी होते हैं जिनकी उम्र सिर्फ 1 से 2 साल होती है। हालांकि ऑस्‍ट्रेलिया में एक खरगोश 18 साल तक जीवित रहा था। जो एक वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बन गया था।


- जानकर आश्‍चर्य होगा कि खरगोश एक बार खाने को करीब 120 बार चबाता है। और वह करीब 6 से 8 घंटे तक खाता है।

- खरगोश एक दिन में 8 घंटे तक सोता है और आंखें खोलकर भी सो सकता है।

- खरगोश खतरा होने पर सावधान करने के लिए अपने पैरों को जमीन पर जोर से पटकने लगता है।

- खरगोश के कान की लंबाई 4 इंच के करीब होती है। लेकिन निप्‍पर्स गेरिनिमो खरगोश के कान की लंबाई 31.1इंच थी जो एक वर्ल्‍ड रिकॉर्ड रहा।



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