क्या आप जानते हैं इन गोलाकार खेतों का रहस्य


इन गोल खेतों का चित्र आपने सोशल मीडिया पर देखा ही होगा। पृथ्वी पर google earth के माध्यम से घूमने वाले लोगों ने कभी न कभी इन खेतों के दर्शन तो किए ही होंगे। यह खेत खाड़ी देशों में आपको दिख ही जाएंगे। आइए जानते हैं इन खेतों के बारे में -

यह प्रकार खेती करने की पद्धति को Centre Pivot Irrigation कहा जाता है। उन देशों में से एक है जहां यह प्रयोग में
है। खाड़ी देशों में सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है जिस कारण यहां का तापमान अधिक रहता है। यहां की जमीन भी बंजर, रेतीली और पथरीली प्रकार की है जिस पर खेती करने का सोचना भी असंभव था। पर इस प्रणाली से यहां के जीवन को एक संजीवनी मिली। 1 किलोमीटर गहरे भूमिगत जल और नदियों से पाइपलाइन के माध्यम से लाए गए पानी
से यहां खेती संभव हो सकी।

इस पद्धति में एक बड़े पाइप से फव्वारों के रूप में फसल पर पानी का छिड़काव होता है। इस पाइप में पहिए लगे होते हैं और यह एक पाइंट पर घूमता है। इनमें पम्प की सहायता से पानी छोड़ा जाता है। यह इतने विशाल होते हैं कि 5 मील तक पानी का छिड़काव होता है। यहां फसल को फलने लायक वातावरण देने के लिए लगातार फसल पर पानी देना पड़ता है। यह पूरा यन्त्र गोल घूमता है इसलिए यहां के खेत भी गोल बन जाते हैं।



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