अकीरा कुरोसावा : जापान के फ़िल्म निर्माता और निर्देशक के बारे में खास बातें


अकीरा कुरोसावा
का जन्म 23 मार्च 1910 को जापान के ओमाची जिले के टोक्यो में हुआ।
इनके पिता इसामू समुराई परिवार से थे। अकीरा के पिता का पश्चिमी सभ्यता के प्रति उदार रवैया था यही उन्हें भी सिनेमा की ओर खींच लाया।

अकीरा ने 6 साल की उम्र में पहली फिल्म देखी।

अबोध बालक अकीरा को फिल्मों के प्रति रुचि उत्पन्न हो गई। अकीरा की टीचर ने भी इस रुचि को बढ़ाने में बखूबी साथ निभाया और स्कूल के दिनों में उन्हें हर संबंधित विषय के बारे में बताया।
अकीरा को भी धीरे धीरे सिनेमा में दिलचस्पी बढ़ने लगी और वह इसी क्षेत्र में आगे जाने की सोचने लगे।

जापान के बड़े स्कूल में दाखिला ना मिल पाने के कारण अकीरा को बुरा लगा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विदेशी साहित्य के बारे में पढ़ना शुरू किया।

साल 1935 में फोटो केमिकल लैबोरेटरिज्स ने सहायक निर्देशक के पद के लिए अखबार में विज्ञापन आया, अकीरा के फिल्मी ज्ञान को देख कर यामामोतो ने अकीरा का चयन किया...

फरवरी 1936 में उन्होंने यहां काम करना शुरु किया।

अपने 5 साल के इस करियर में अकीरा ने कई निर्देशकों के साथ में काम किया। जिसमें यामामोतो के साथ उन्होंने 17 फिल्में की। इस कड़ी मेहनत के दौरान उन्होंने बड़ी लगन से सबके साथ सीखा।

1941 का साल ऐसा था जब उन्हें अपने आप को निर्देशक के तौर पर लॉन्च होने के लिए कहानी की जरुरत थी। उन्हें कहानी मिल गई और अकीरा को जापानी फिल्म इंडस्ट्री में वो नाम और शान-ओ-शौकत मिली की दुनिया देखती रह गई। कहानी यहीं नहीं रुकती अकीरा को अभी भी दुनिया में पहचान बनानी बाकी थी।
हॉलीवुड के दिग्गजों ने जब इनकी फिल्में देखी तो देखते रह गए। उनके प्रशंसकों की लिस्ट बहुत लंबी है।

1954 में उन्होंने अपनी सबसे पॉपुलर फिल्म ‘सेवन समुराई’ बनाई जिसका 1960 में हॉलीवुड में ‘द मैग्नीफिसेंट सेवन’ नाम से रीमेक किया गया।

अपने 57 साल के करियर में उन्होंने सिर्फ 30 फिल्में ही बनाई। उनकी प्रमुख फिल्में राशोमोन, सेवन समुराई, इकिरु और योजिम्बो आदि हैं। अकीरा ने अपनी फिल्में तसल्ली से बनाई और 57 सालों में सिर्फ 30 फिल्मों का ही निर्माण किया।
अकीरा कुरोसावा का निधन आज ही के दिन 6 सितंबर 1998 में हुआ था।



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