गणेश उत्सव : महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिर

ashtavinayak ganpati
जिस तरह बंगाल में माता दुर्गा, काली और पार्वती की भक्ति का प्रचलन है उसी तरह महाराष्ट्र में भगवान गणेश और महालक्ष्मी की भक्ति का प्रचलन है। पूरे महाराष्ट्र में अन्य राज्यों की अपेक्षा की सबसे ज्यादा धूम रहती है। यहां गणेशजी के अष्ट विनायक रूप के प्रसिद्ध मंदिर भी है। जिस प्रकार भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है वैसे ही गणपति उपासना के लिए महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों का विशेष महत्व है। आओ जानते हैं कि कहां हैं ये मंदिर।
1. महाराष्ट्र में पुणे के समीप अष्टविनायक के आठ पवित्र मंदिर 20 से 110 किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित हैं।

2. इन मंदिरों का पौराणिक महत्व और इतिहास है। इनमें विराजित गणेश की प्रतिमाएं स्वयंभू मानी जाती हैं।

3. इन सभी मंदिरों के बारें में गणेश और मुद्गल पुराण में बताया गया।

4. ये मंदिर हैं- 1,मयूरेश्वर या मोरेश्वर मंदिर, पुणे, 2. सिद्धिविनायक मंदिर, अहमदनगर, 3. बल्लालेश्वर मंदिर, रायगढ़, 4. वरदविनायक मंदिर, रायगढ़, 5. चिंतामणी मंदिर, पुणे, 6. गिरिजात्मज अष्टविनायक मंदिर, पुणे, 7. विघ्नेश्वर अष्टविनायक मंदिर, ओझर और 8. महागणपति मंदिर, राजणगांव।



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