रंगबिरंगी होली पर हास्य-व्यंग्य की फुहारें...


पढ़ें चटपटा रंगरंगीला भविष्य-फल
 
होली के पावन अवसर पर नील-गगन के नक्षत्रों के आधार पर पेश कर रहे हैं शानदार ज्योतिषीय रिपोर्ट- होली का चटपटा रोचक रंगरंगीला भविष्य-फल...  
 
अतः सभी बंधुओं और भाभियों से निवेदन है कि इसका लाभ उठाएं तथा अपने-अपने गणित और फलित के अनुसार ही चलें। अन्यथा होने वाले प्रभावों के लिए सीना फाड़कर तैयार रहें।
 
चंदा मांगने वाले- चंदा मांगने वालों पर तो इस वर्ष विशेष, शनि-कलेक्टर लगा हुआ है। शनि-कलेक्टर का कहना है कि इतना चंदा मांगा जा चुका है कि लोगों के पास देने को कुछ बचा ही नहीं है। चंदा मांगने जो आए, उसके सामने आप अपना रसीद-कट्टा भी रख दें। चंदा हमें आदिकाल से प्रिय है। 
 
किसी कवि ने ठीक कहा है- 'गजधन, गोधन, बाजिधन और रतनधन खान, जब आवे चंदाधन, सब धन धूरि समान'। लेकिन इस बार चंदा मांगने वालों पर ग्रहों की वक्र दृष्टि है। जब पूरा समाज ही मांगने लगेगा तो देने वाला कौन होगा? अतः ग्रह चाहते हैं कि मांगने वाले कम ही रहें और देने वाले अधिक। अतः इस वर्ष भूलकर भी चंदा न मांगें।
 
व्यापारी- मिलावट करने वाले व्यापारियों के लिए यह होली शुभ है। वे अपने घर, दफ्तर, दुकानें खुली रखें और खूब रंग लगाएं। स्नान न करें और घर-भर के लोगों का रंग एकत्रित कर रख लें। मिलावट में काम आएगा और खूब धन प्राप्त होगा।
 
राजनेता- राजनीतिज्ञों के लिए यह होली फलदायी प्रतीत नहीं हो रही है। बढ़ती महंगाई से आम लोग काफी त्रस्त हैं। रंग-गुलाल के दामों में भी तीव्र वृद्धि हुई है। टैक्सों की भरमार है। जिन वायदों पर वे चुनाव जीते, पूर्ण नहीं हुए हैं। लोग अपने प्रतिनिधियों को इस होली में रंग-गुलाल न सही तो धूल-धमाल के साथ ही ढूंढेंगे। अतः उन्हें सलाह दी जाती है कि वे इस होली में, अपने घरों में ही बैठे रहें तथा अपने-अपने दलों के घोषणा-पत्रों का सस्वर पाठ करते रहें।
 
 



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