मुआवजे की मांग के बीच कृषि मंत्री बोले- अब कोई विषय नहीं बचा, कानून वापस हो चुके हैं और MSP पर समिति बना दी है

पुनः संशोधित शनिवार, 4 दिसंबर 2021 (22:31 IST)
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नई दिल्ली। केन्द्रीय ने शनिवार को कहा कि केन्द्र सरकार ने तीन कृषि सुधार बिल वापस ले लिया है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहित अन्य मुद्दों पर विचार के लिए कमेटी बनाने की घोषणा हो चुकी है, इसलिए किसानों को आंदोलन समाप्त करके घर लौटना चाहिए और अपने सामान्य कामकाज करने में जुट जाना चाहिए।

तोमर ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि जो कृषि सुधार बिल सरकार लेकर आई थी, उसे प्रधानमंत्री ने वापस ले लिया है। इसके साथ एमएसपी, फसल विविधता और जीरो बजट खेती जैसे कई मुद्दों पर विचार करने के लिए समिति बनाने की घोषणा हो गई है।

उन्होंने कहा कि अब इसके बाद कोई विषय बचा नहीं है, इसलिए किसानों से अनुरोध है कि वे आंदोलन समाप्त करें और अपने घरों को लौटकर सामान्य कामकाज में जुट जाएं।
आंदोलन खत्म नहीं करेंगे किसान : किसान सभी मांगें पूरी होने तक अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। यह फैसला आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने शनिवार को स्थल व दिल्ली से लगती सीमा सिंघू बॉर्डर पर हुई बैठक में लिया।
मोर्चा ने इसके साथ ही आगे की रणनीति और केंद्र सरकार से बातचीत करने के लिए 5 सदस्यों की समिति बनाई है। इसमें बलबीरसिंह राजेवाल, गुरनाम चढ़ूनी, युद्धवीरसिंह, शिवकुमार कक्का और अशोक धावले को शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारी किसान अपनी अन्य मांगों जैसे एमएसपी की कानूनी गारंटी, आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और मामलों को वापस लेने पर जोर दे रहे हैं।
एसकेएम ने बयान जारी कर कहा कि एसकेएम की अगली बैठक सात दिसंबर को तय की गई है और अगले दो दिन भारत सरकार की तरफ से जवाब देने और इस आंदोलन के तार्किक समाधान के लिए पांच सदस्यीय समिति के साथ काम करने के लिए रखा गया है।



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