कोरोना के बाद भविष्य की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं विद्यार्थी, 11 राज्यों के बड़े सर्वे में हुआ खुलासा

पुनः संशोधित शुक्रवार, 6 मई 2022 (22:43 IST)
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अहमदाबाद। कोरोनावायरस (Coronavirus) के बाद गुजरात के 4 हजार से अधिक स्कूली विद्यार्थियों के से पता चला है कि वे भविष्य की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। साथ ही कहीं और स्थानांतरित होने की संभावना को लेकर तनाव महसूस कर रहे थे।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में काम करने वाले एक गैर-लाभकारी ट्रस्ट, क्वेस्ट एलायंस द्वारा किए गए सर्वेक्षण का उद्देश्य यह समझना था कि कोविड-19 ने विद्यार्थियों और उनके परिवारों को किस हद तक प्रभावित किया है।

सर्वेक्षण में गुजरात सहित 11 राज्यों के 13-15 आयु वर्ग के लगभग 22 हजार विद्यार्थियों को शामिल किया गया, जहां उत्तर देने वालों की संख्या लगभग 4 हजार थी। नेहा पार्थी, एसोसिएट निदेशक, माध्यमिक कार्यक्रम, क्वेस्ट एलायंस ने कहा, इस नुकसान के कारण, रोजी-रोटी प्रभावित हुई।

कुल मिलाकर, 19 प्रतिशत बच्चों ने माना कि उनकी पारिवारिक आय कम हो गई है। हालांकि गुजरात में यह संख्या बहुत अधिक थी, जहां 4100 उत्तरदाताओं में से 49 प्रतिशत ने दावा किया कि परिवार के किसी सदस्य के खोने के कारण उनके परिवार की आय प्रभावित हुई थी।

सर्वेक्षण में इस बात पर भी जोर दिया गया कि परिवार की कम आय ने बच्चों के दूध और प्रोटीन युक्त भोजन जैसे पौष्टिक भोजन के सेवन को प्रभावित किया। पार्थी ने कहा कि 11 राज्यों में कुल उत्तरदाताओं में से 12 प्रतिशत ने कहा कि पौष्टिक भोजन का सेवन कम हो गया है, गुजरात में छात्रों के लिए यह आंकड़ा 29 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, अध्ययन में यह भी पाया गया कि गुजरात में बालक और बालिकाओं में 40 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाता भविष्य के अध्ययन के बारे में चिंतित थे। इससे पता चला कि 7.58 प्रतिशत परिवारों को लगता है कि उन्हें भविष्य में काम के अवसरों के लिए पलायन करना होगा।(भाषा)



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